317 दिन से जेल में बंद राहुल राजावत को न्यायालय ने बरी किया

Jan 12 2024

ग्वालियर। गांजा तस्करी के आरोप में 317 दिन जेल में बंद रहे राहुल सिंह राजावत को न्यायालय ने बरी कर दिया। न्यायालय ने कहा कि संदेह कितना ही प्रबल क्यों ना हो, वह साक्ष्य का स्थान नहीं ले सकता। अभियोजन ने इस केस में जो साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं, वह विसंगतिपूर्ण हैं। ऐसे में केवल संदेह के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती। 
प्रकरण की जानकारी देते हुए एडवोकेट जितेंद्र दीक्षित ने बताया कि मामला पुरानी छावनी थाने का है। जहां 22 अगस्त 2019 को राहुल राजावत को पुलिस ने मोतीझील स्टेशन के पास से गिरफ्तार करने का दावा किया।
अभियोजन के अनुसार, एसआई अभिषेक सेंगर को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि कोई युवक स्टेशन के पास अवैध मादक पदार्थ रखा हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम स्टेशन पहुंची। पुलिस को देखते ही युवक ने भागने का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा। राहुल के पास से लगभग साढ़े चार किलो गांजा बरामद किया गया। हालांकि, पुलिस ने जो सैंपल जब्त किए, उस पर अपराध क्रमांक भी लिखा हुआ था। 
न्यायालय में इस बात पर आपत्ति जताई गई। बताया कि सैंपल घटनास्थल पर जब्त किए गए थे। जबकि अपराध क्रमांक एफआईआर दर्ज होने के बाद पता लगता है। ऐसे में सैंपल पर अपराध क्रमांक लिखना अभियोजन की कहानी को संदेहास्पद बनाता है। न्यायालय में ये भी साबित नहीं हो पाया कि मुखबिर ने थाने में आकर सूचना दी थी या फोन पर जांच में इस तरह की खामियों के आधार पर न्यायालय ने गांजा तस्करी के आरोप में 317 दिन जेल में बंद रहे राहुल सिंह राजावत को बरी कर दिया।