भागवत कथा में दो निर्धन कन्याओं का कराया गया विवाह

Jan 07 2024

ग्वालियर। बालाजी दरबार पारदी मोहल्ला शिंदे की छावनी में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन रविवार को भागवताचार्य पं. घनश्याम शास्त्री महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह की कथा का वर्णन किया। इस अवसर पर दो निर्धन कन्याओं का विवाह रुक्मणी मानकर कराया गया।
पंडित घनश्याम शास्त्री ने कहा कि विश्व की समस्त कलाओं का वास श्रीकृष्ण के अंतर में विद्यमान है। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण हमें कुछ न कुछ सिखाता है। मानवता के भले के लिए उनके मुख से निकली श्रीमद्भागवत हमेशा इस धरा पर मनुष्यों को अच्छे बुरे की पहचान करवाती रहेगी। यह पूरे विश्व में एक मात्र ऐसा ग्रंथ है जो कि जीवन के प्रत्येक सुख व दुख की परिस्थितियों में हमें ज्ञान का मार्ग दिखाता है। इसके माध्यम से श्रीकृष्ण ने धरा का ही नहीं बल्कि ब्रह्मांड के समस्त गूढ़ रहस्यों से मानव जाति को अवगत करवाया है।
शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत हमें सिखाती है कि इस धरा पर कुछ भी नहीं रहने वाला, हमें जो मानव जीवन मिला है उसे व्यर्थ न गवाएं बल्कि समस्त प्राणियों के प्रति सौहार्द रखते हुए परमात्मा का चितन व मनन कर अपने जन्म को सफल बनाए। भागवताचार्य पं.घनश्याम शास्त्री एवम श्रीबालाजी दरबार के महंत नरेंद्र मिश्रा पप्पी महाराज ने बर-बधू को आशीर्वाद देते हुए उन्हें खुशहाल जीवन की श्री भागवत भगवान जी से प्रार्थना की। 
श्रीमद भागवत कथा के मध्य राम मंदिर फालका बाजार से बारात निकाली गई जगह जगह स्वागत हुआ और विधान से वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ विवाह संपन्न कराया गया। बिटिया आरती की शादी ऋषि के साथ संपन्न हुई। बिटिया खुशबू की शादी गोलू (अमित) के साथ संपन्न हुई। 
इस अवसर पर मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, पार्षद रवि तोमर, अमित सूरी, पवन झा, श्रीमती रेखा झा, विष्णु मिश्रा, सरिता मिश्रा, सुषमा यादव, हरिओम शर्मा ने भागवत भगवान की आरती की।
आज सोमवार को सुदामा चरित्र के साथ कथा का समापन होगा। मंगलबार को हवन होगा। बुधवार 10 जनवरी को विशाल भंडारा होगा।