अहंकार को नष्ट करने श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पूजा प्रारंभ कराई:अनुप्रिया

Jan 05 2024

ग्वालियर। गोविन्द पुरी स्थित प्राचीन शिव शक्ति दुर्गा माता मंदिर में  अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन कड़ाके की सर्दी में श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ। यहाँ बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गोवर्धन पूजा, के साथ कृष्ण लीलाओं का वर्णन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने गोते लगाए। 
कथा वाचक देवी अनुप्रिया शर्मा ने नामकरण-बाललीला पूतना उद्धार, गोवर्धन पूजा-छप्पन भोग आदि लीलाओं का वर्णन किया। कथावाचक अनुप्रिया शर्मा  ने कहा कि माखन चोरी हो या गोपिकाओं के चीर हरण की लीला प्रभु की हर लीला में एक संदेश छिपा है, जो कलियुगी मनुष्य की समझ से परे है। भगवान ने हमेशा यही संदेश दिया कि वह सिर्फ प्रेम के अधीन है।जिस मनुष्य ने प्रेम से उसको पाने की कोशिश की वह हर तरह, हर रूप में उसको पा सकता है। भगवान को रिझाने के लिए बालक की तरह छल कपट रहित बन जाओ और रिझाओ फिर भगवान को पाना बहुत आसान हो जाता है। 
कथा वाचक देवी अनुप्रिया शर्मा ने गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए कहा कि इंद्र को अभिमान हो गया कि वह बृज में अपनी शक्ति से हाहाकार मचा सकता है, इस अभिमान को श्रीकृष्ण ने पलभर में गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर चूर चूर कर दिया। सात दिन तक वह गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाए रहे और इंद्र के अभिमान को चूर किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को भी अपने अभिमान से बचना चाहिए। इस अवसर पर बुन्देली गायिका पुष्पा ,रुकमनी ने भजन गाकर वाह- वाह लूटी ,वही राधारानी के भक्त कल्याण चौरसिया ने भी शानदार भजन गाया।