अजाक्स सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने मनाई माता सावित्री बाई फुले की जयंती

Jan 03 2024

ग्वालियर। शहर के सामाजिक संगठनों द्वारा बुधवार को माता सावित्री बाई फुले की 193वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया गया। साथ ही छात्र छात्राओं के उनके द्वारा नारी शिक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई।
मप्र अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) की ओर से जीआरएमसी कैंपस में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जहां मुख्य वक्ता मदन भार्गव ने सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीआरएमसी के डीन डॉ. अक्षय निगम थे। अध्यक्षता अजाक्स के प्रांताध्यक्ष मुकेश मौर्य ने की। विशिष्ट अतिथि जेयू के कुलसचिव अरुण सिंह चौहान, अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ एवं एमटीए अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल मंचासीन रहे। स्वागत भाषण संभागीय अध्यक्ष डॉ. अनिल मेवाफरोश ने दिया।
 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. निगम ने कहा कि सावित्री बाई फुले की प्रेरणा से आज बालिकाएं देश में शिक्षित होकर देश का मान बढ़ा रही हैं। वहीं नर्सिंग महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य सूजा नायर ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि नारी एक परिवार में शिक्षा ग्रहण करती है और दो परिवारों को शिक्षा प्रदान करती है। इस मौके पर अतिथियों के साथ जीआरएमसी के प्रबंधक डॉ. अनिल मेवाफरोश ने उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय महासचिव अतर सिंह जाटव एवं आभार जिलाध्यक्ष मनोहर कटारिया ने माना। इस अवसर पर डॉ. एमएल माहौर, डॉ. पंकज श्रीवास्तव, पवन कौशल, कमलेश जाटव, गोपाल भोसले, पुत्तू सिंह परिहार, गोविंद प्रसाद आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में वन्दना सरीन, सोमानी अलेक्जेंडर, निर्मला सराडकर, कल्पना निगले, अंजू जॉन, कल्पना भदौरिया, गिरजा झा, अर्चना जोशी एवं सूजा नायर को उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान दिया गया।
बच्चियों को निशुल्क शिक्षा देने का लिया संकल्प
भारतीय सेन समाज द्वारा देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जयंती विवेकानंद नीडम स्थित काली माता मंदिर में मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीडीए के उपाध्यक्ष जितेंद्र गुर्जर थे। अध्यक्षता समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष बबीता सेन ने की। श्रीमती सेन ने कहा कि जब वे स्कूल जाती तो विरोधी उसे पत्थर मारते थे, उन पर गंदगी फेंकते थे। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और वे अपना कार्य करती रहीं। इस मौके पर डॉ. सरोज उपाध्याय, भारती तिवारी, रितु श्रीवास, रानू बाई, कुसुम सेन, प्रेमलता तिवारी, भगवती सेन, मिथिलेश बघेल, प्रेम शर्मा, कला बाई को समाजसेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए सम्मान दिया गया। इसके बाद बबीता सेन ने उपस्थित सभी महिलाओं को संकल्प दिलाया कि वह जरूरतमंद बच्चियों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए हरसंभव मदद करेंगी। कार्यक्रम का संचालन मिथिलेश बघेल ने किया। 
इस मौके पर राजेंद्र श्रीवास्तव, अलका प्रजापति, नेहा बघेल मीना सोनी, पुष्पा पाल, उमा राजपूत, अलका जोशी, नैंसी थापा, राम कांति, किशोरी शर्मा, रेनू उदय, प्रार्थना जादौन, कुसुम सेन, गीत बंजारा, जूली शर्मा, मधु सेन, राखी सविता, सुषमा सेन, चांदनी रजक, कविता लोहिया, राजकुमारी वर्मा, ममता सेन, सीमा माहेश्वरी, सविता शर्मा, क्षमा राजपूत, अनीता वर्मा, पूजा गोस्वामी, कमलेश चौहान आदि मौजूद रहे।