गलती हो जाए तो प्रायश्चित जरूर करें:देवी अनुप्रिया
Jan 02 2024
ग्वालियर। गोविन्द पुरी स्थित प्राचीन शिव शक्ति दुर्गा माता मंदिर में अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास आचार्य पं.अनुप्रिया देवी ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है।
कथा व्यास पं.अनुप्रिया देवी ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है।
कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है वह हर किसी में बसता है।इस अवसर पर सत्येन्द्र सिंह सेंगर ,विजय सेंगर ,जानकी भदौरिया ,कुसुम सेंगर,आदि मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं से बातचीत
श्रीमद्भागवत कथा जीवन के सत्य का ज्ञान कराने के साथ ही धर्म और अधर्म के बीच के फर्क को बताती है। कथा श्रवण से सूना जीवन धन्य हो जाता है।
- शारदा सिसोदिया
श्रीमद्भागवत कथा में जीवन का सार छिपा है। यह प्रेम और करुणा की महत्ता समझाती है। देवी जी के मुख से कथा सुनने मात्र से ही कष्ट दूर हो गए।
- जगदीश प्रसाद
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









