केंद्र सरकार के हिट एंड रन के कानून को लेकर वाहन चालकों में रोष

Jan 01 2024

ग्वालियर। केंद्र सरकार के हिट एंड रन को बनाए गए नए कानून के विरोध में ट्रक ड्रायवर तो पहले से ही ट्रकों को छोड़ जाम लगा रहे थे। लेकिन अब इस हड़ताल में प्रायवेट बसों के ड्रायवर भी शामिल हो गए। सोमवार को ग्वालियर चंबल के सभी प्रायवेट बसों के ड्रायवरों ने बसों को चलाना बंद कर दिया और हड़ताल शुरू कर दी। 
बसों के सडक़ों पर न आने से यात्री सडक़ों पर नजर आने लगे। ग्वालियर शहर में बस स्टेण्ड से लेकर गोला मंदिर चोराहे पर सडक़ों पर यात्रियों को परेशान होते हुए देखा गया।
केंद्र सरकार के नए हिट एंड रन कानून को लेकर देशभर में ट्रक चालकों के विरोध में बीच ग्वालियर में भी रविवार को आक्रोश दिखा। ट्रक चालकों ने इसके विरोध में बिलौआ व डबरा क्षेत्र में हाइवे जाम कर दिया और इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस फोर्स सूचना मिलते ही पहुंचा और ट्रक चालकों का खदेड़ कर एफआइआर दर्ज की।
पहले पुलिस ने बात करने का प्रयास किया लेकिन चालक अभद्रता करने लगे। इस विरोध के चलते पेट्रोल डीजल टैंकर एसोसिएशन, गैस व ग्वालियर के ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधियों को कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने बैठक में बुलाया। दूसरे जिलों की तरह पेट्रोल-डीजल टैंकर चालक अपने वाहन खड़े न कर दें इसको लेकर प्रशासन की चिंता है। ऐसा हुआ तो लोगों के लिए परेशानी खडी हो जाएगी। सभी संबंधित विभागों को भी अलर्ट कर दिया गया है। 
केंद्र सरकार द्वारा हिट एंड रन के मामले में नया कानून बनाया गया है। इसमें टक्कर मारकर भागने वाले चालक को दस साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके विरोध में ग्वालियर के भी चालक उतर आए हैं। इसके चलते यह लोग हड़ताल पर चले गए हैं। चालकों ने झांसी हाइवे पर बिलौआ और डबरा इलाके में चक्काजाम कर दिया। इससे वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पुलिस ने चक्काजाम करने वाले वाहन चालकों पर एफआइआर दर्ज की है।
पुलिस की आमजन से अपील 
सभी आमजन से ग्वालियर पुलिस की अपील है कि केन्द्र सरकार द्वारा एक्सीडेंट के मामलों में किये गये कानूनी संशोधन एवं जुर्माने दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के उद्देश्य से किये गये हैं। वाहन चालक से दुर्घटना होने पर घटना स्थल से भागने की जगह घायल व्यक्ति को चिकित्सकीय सुबिधा उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयत्न करें। अत: सभी वाहन चालकों से अपील है कि उक्त कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून अपने हाथ में न ले एवं अपनी बात कहने के लिये कानूनी प्रक्रिया को अपनाए।