सडक़ पर खराब स्कूल वैन में पुलिस ने लगाया धक्का, बच्चों को पहुंचाया सुरक्षित घर

Dec 30 2023

ग्वालियर। एक बार पुलिस का सकारात्मक काम आम लोगों के मन पर अपनी छाप छोड़ गया है। बच्चों को स्कूल से घर छोडऩे जा रही वैन सडक़ पर खराब हो गई थी। जब डीएसपी संतोष पटेल वहां से गुजर रहे थे तो देखा कि पांचवीं कक्षा के बच्चों से वैन चालक गाड़ी में धक्का लगवा रहा था। पुलिस अफसरों ने अपनी गाड़ी रोककर वैन चालक को फटकार लगाई। इसके बाद स्कूल वैन को धक्का देकर स्टार्ट करने का प्रयास किया, लेकिन जब वैन स्टार्ट नहीं हुई तो डीएसपी संतोष पटेल ने सभी स्कूली बच्चों को अपनी गाड़ी में घर भेजा। एक बच्चा पुलिस की गाड़ी में बैठने से डर रहा था तो उसे बाइक से घर पहुंचाया गया। यहां कुछ बच्चों ने पुलिस को बोला मूवी में हमने देखा था पुलिस अच्छी नहीं हो, लेकिन यह पुलिस अच्छी है। यह तो पुलिस की सामाजिक छवि थी। इसके बाद पुलिस ने लापरवाही पर स्कूल वैन को जब्त कर चालक को थाना तलब कर कार्रवाई की है।
ग्वालियर के हस्तिनापुर स्थित गुडनेस स्कूल में कक्षा एक से लेकर पांचवीं तक के बच्चों को छुट्टी के बाद घर छोडऩे निकली स्कूल वैन हस्तिनापुर के आगे सूनसान रास्ते पर खराब हो गई। जब बार-बार सेल्फ लेने के बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई तो स्कूल वैन चालक ने मासूम बच्चों से वैन में धक्का लगाने के लिए कहा और खुद गाड़ी के अंदर बैठ गया। इसी समय डीएसपी बेहट संतोष पटेल हस्तिनापुर थाना प्रभारी राजकुमार राजावत का वहां से निकलना हुआ। जब उन्होंने यह नजारा देखा तो तत्काल बच्चों को हटाया और स्कूल वैन चालक को फटकार लगाई। इसके बाद खुद धक्का लगाकर वैन को स्टार्ट करवाने का प्रयास किया, लेकिन गाड़ी स्टार्ट नहीं हो सकी।
प्राथमिक स्कूल के बच्चों को ले जा रही मारुति वैन सुनसान जगह में खराब होने के कारण पुलिस ने धक्का लगाकर स्टार्ट करने का प्रयास किया लेकिन जब गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई तो थाने की गाड़ी से आसपास के चार गांवों चक महरौली, डेंगोरा, बंजारे का पूरा, किरावली के बच्चों को उनके घर तक पहुंच कर सकुशल छोड़ा और मारुति चालक को फटकार लगाकर गाड़ी को थाने बुलाया।
बच्चों के मन में पुलिस का व्यवहार का सकारात्मक प्रभाव पड़ा जिसमें अधिकतम बच्चे पुलिस की गाड़ी में बैठ गये जबकि एक बच्चे ने रोना शुरू कर दिया और बैठने से मना किया। स्ष्ठह्रक्क संतोष पटेल व थाना प्रभारी राजकुमार राजावत ने मोटर साइकल से उसके घर तक पहुंचवाया। हस्तिनापुर के सिपाही सत्येन्द्र धाकड़ ने धक्का लगाया व थाना प्रभारी ने स्टार्ट करने का प्रयास किया। केपी तोमर ने गाँव तक बच्चों को पुलिस की गाड़ी से छोड़ा है।