अब दिन में गलन वाली सर्दी का अहसास, पहाड़ों में बर्फबारी से चली ठंडी हवा

Dec 29 2023

ग्वालियर। चंबल अंचल में अब गलन और हाड़ कपा देने वाली ठंड का दौर शुरू हो चुका है। रात में पारा 7 से 10 डिग्री के बीच चल रहा है। अब कोहरा और धूप न निकलने से एक दिन पहले तक दिन का तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक पारा सिर्फ 13.2 डिग्री सेल्सियस ही रहा है। पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते ठंडी हवा ने मैदानी इलाकों में कडक़ड़ाती ठंड का अहसास कराया है।
शीत लहर के कारण पूरा अंचल शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन कोल्ड-डे जैसे हालातों की चपेट था। दिन में सितम ढा रही सर्दी के कारण गलन वाली ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है। ऐसे में लगातार बढ़ रही ठिठुरन के चलते सर्दी के बचाव के इंतजात बेअसर होने लगे हैं।
घने कोहरे के कारण अंचल में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन कोल्ड-डे जैसी स्थिति बनी। शुक्रवार को भी आसमान में कोहरा और धुंध के चलते दोपहर तक धूप नहीं निकली। इन हालातों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी नहीं होने से पूरा इलाका गलन वाली ठंड की गिरफ्त में है। वहीं हवा में आर्द्रता अधिक रहने से सर्दी के साथ गलन बनी रहने से सर्दी का सितम बढ़ा हुआ है।
दरअसल धूप नहीं निकलने पर कोहरा और शीतलहर के कारण दिन के समय तापमान में भारी गिरावट का दौर जारी है। इसके चलते अधिकतम तापमान में 9.5 डिग्री की बड़ी गिरावट आने से लोग कांप उठे। गलन भरी इस सर्दी में स्वेटर, जैकेट बेअसर साबित होते रहे हैं। ऐसे में कंबल, रजाई छोडक़र निकलने के लिए भी हिम्मत चाहिए। पारे में रिकॉर्ड गिरावट आने से कंपकंपी वाली ठंड से बचने के लिए लोग अलाव और हीटर के सहारे दिन काट रहे हैं।
गौरतलब है कि गत रोज सीजन का दूसरा सबसे घना कोहरा छाया रहने के कारण पूरे दिन अंचल में दोपहर तक सूरज दिखाई नहीं दिया। वहीं रात से छाया घना कोहरा दिन में भी जारी रहने से अधिकतम तापमान में 9.5 डिग्री की बड़ी गिरावट दर्ज हुई। इसके चलते अधिकतम तापमान सामान्य से 7.3 डिग्री नीचे चला गया। वहीं धूप नहीं निकलने और हवा में नमी की मात्रा अधिक रहने से शुक्रवार को भी गलन वाली ठंड का सितम था।
स्थानीय मौसम विभाग की माने तो अभी ठंड का असर और तेज होने वाला है। बादल से जरुर दो से तीन डिग्री रात का पारा उछला है, लेकिन धूप न निकलने से अब दिन का पारा गिरेगा जो और भी खतरनाक है। मौसम विभाग के अनुसार साल के आखिरी दिन और नई साल 2024 की सुबह हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।