जब रिश्ते धोखा देते हैं तभी याद आते हैं भगवान: घनश्याम शास्त्री

Dec 27 2023

ग्वालियर। 12 बीघा कॉलोनीबहोड़ापुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भागवताचार्य पं. घनश्याम शास्त्री महाराज ने कथा के तीसरे दिवस पर शास्त्री ने सभी को खुश रहने का तरीका बताते हुए कहा कि शिक्षा आपको सिखाती है अपने हक में क्या करना है। 
मां-बाप अपने बच्चों को शिक्षित जरूर करें। अपने पैरों पर खड़ा करें, बेटा हो या बेटी, खासकर बेटी को शिक्षित करें। कोई मां-बाप नहीं चाहता, बेटी ससुराल में जाकर दुख पाए, वो दूसरे घर में अन्याय तभी सहेगी, जब अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पाएगी। आचार्य जी ने धु्रव चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि हम दुनिया के रिश्तों में उलझे रहते हैं। भगवान को भूल जाते हैं। जब रिश्ते धोखा देते हैं तो भगवान याद आते हैं। अकेले आए थे, अकेले जाओगे, भगवान तो पहले दिन से तुम्हारे साथ थे।
शास्त्री जी ने कहा दान केवल धन का नहीं होता, तन मन धन से दान होता है, किसी को प्रसन्न कर देना भी दान है कथा के दौरान किशोरी ने कहा कि जो मां-बाप अपने बच्चों की शादी कर देते हैं, और कहते हैं कि हमने गंगा नहा ली। बच्चों की शादी कर देना गंगा नहाना नहीं है। मां-बाप भगवान का रूप होते हैं। मां-बाप का फर्ज केवल बच्चों की शादी करना नहीं, बल्कि बच्चों को काबिल बनाना है। 
बच्चों को शिक्षा में संस्कार में और भावनाओं में काबिल बनाइये, धन में भी काबिल बनाइये। बच्चा काबिल होगा तो विकट परिस्थिति में भी खुद को और परिवार को संभाल लेगा। घर तो राजा जनक ने भी माता सीता के लिए महल ही ढूंढा था। लेकिन उन्हें रहना वन में पड़ा। लेकिन वनवास में भी वो अच्छे से रह गईं। क्योंकि माता सीता संस्कारवान, धैर्यवान और भावनाओं में श्रेष्ठ थीं। 
कथा के अंत में भागवत भगवान की आरती की गई। इस अवसर पर वीरेंद्र कुशवाह, शिवनाथ भदोरिया, स्वदेश पटसरिया, अनिल भारद्वाज, कमल जादौन, एनसी दुबे, विनोद भार्गव, मनीष अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।