गमक में सूफिय़ाना गायिका ऋचा शर्मा ने बिखेरे संगीत के सुर

Dec 24 2023

ग्वालियर। तानसेन समारोह की पूर्व संध्या पर सूफियाना व भक्ति संगीत की सुवि यात गायिका एवं प्रसिद्ध बॉलीवुड सिंगर सुश्री ऋचा शर्मा ने जब अपनी जादुई आवाज में सूफियाना कलाम व गीत सुनाए तो श्रोता झूमने  लगे। सुश्री शर्मा की गायिकी के सूफियाना अंदाज ने रसिकों का मन मोह लिया। सुर सम्राट तानसेन की देहरी को मीठे-मीठे और मनमोहक रूहानी संगीत ने ठंड में भी गर्मी ला दी।   

तानसेन समारोह की पूर्व संध्या पर पूर्वरंग गमक के तहत इंटक मैदान हजीरा पर संगीत सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सूफियाना अंदाज मुंबई से गमक में प्रस्तुति देने आईं सुश्री ऋचा शर्मा के गायन ने श्रोताओं को झूमने से मजबूर कर दिया। सुश्री ऋचा पंजाबी फोक सोंग  सोणी आबे माही आबे.. को तेज रिदम में गुनगुनाते हुए गमक के मंच पर अवतरित हुईं। 

इसके बाद उन्होंने सूफिज्म से बावस्ता अपना प्रसिद्ध गीत सजदा तेरा सजदा दिन रैन करूँ.. गाकर रसिकों में जोश भर दिया। इसी कड़ी में उन्होंने जब विरह गीत जिंदगी में कोई कभी न आए न रब्बा..सुनाया तो संपूर्ण प्रांगण प्रेममय हो गया।
 फि़ल्म पद्मावत मे उनके द्वारा गाई गई प्रसिद्ध ठुमरी जब ऋचा शर्मा ने गमक के मंच पर पेश की तो संपूर्ण प्रांगण पुरविया गायिकी से सराबोर हो गया।   
जैसे जैसे रात परवान चढ़ रही थी वैसे वैसे ऋचा शर्मा की गायिकी का सुरूर भी रसिकों के सिर चढक़र बोल रहा था। अपनी गायिकी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अमीर खुशरो का प्रसिद्ध कलाम छाप तिलक सब छीनी रे मो से नैना मिलाय के...सुनाकर समा बांध दिया।  
रसिकों पर संगीत का खुमार चढ़ा तो ऋचा शर्मा ने फिर से ठेठ पुरविया संगीत की ओर लौटीं और रंग सारी गुलाबी चुनरिया...लोकगीत सुनाकर प्रांगण में लोक गायिकी की खुशबू बिखेर दी।  
कार्यक्रम के आरंभ में सांसद विवेक शेजवलकर ने दीप प्रज्जवलित कर कहा कि दुनियाँ की कोई एक भाषा हो सकती है तो वह संगीत है। उन्होंने कहा संगीत का संबंध सीधे ईश्वर से होता है। इसीलिए कहा जाता है कि जो अच्छा संगीतज्ञ होता है वह अच्छा इंसान भी होता है। 
 कार्यक्रम में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह, एसपी राजेश चंदेल व संचालक उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक जयंत माधव भिसे स्मार्ट सिटी की सीईओ श्रीमती नीतू माथुर व अपर कलेक्टर टीएन सिंह सहित अन्य अधिकारी और आयोजन समिति उपस्थित थे।