गजरथ फैरी के साथ पंचकल्याणक महोत्सव का समापन हुआ

Dec 18 2023

ग्वालियर। भगवान महावीर स्वामी के 2550 वें निर्वाण महोत्सव पर फूलबाग मैदान अयोध्य नगरी में उपाध्यायश्री विहसंत सागर महाराज व मुनिश्री विश्व सौम्या सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित   पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव का गजरथ फेरी के साथ समापन हो गया। महोत्सव के अंतिम दिन भगवान आदिनाथ का कैलाश पर्वत से हुआ मोक्ष ओर गमन। इस पूरे आयोजन में 64 प्रतिमाओं को प्राण प्रतिष्ठित किया गया। जिन्हें घाटीगांव के जैन मंदिर के मानस्तंभ में चौबीस प्रतिमाओं को विराजित के साथ साथ जैन तीर्थ बरसों, चौबीस प्रतिमा को फालका बाजार जैन मंदिर के साथ अन्य जैन मंदिरों में स्थापित की जायेगी। पंचकल्याणक कार्यक्रम में पाषाण से लेकर भगवान बनने की प्रक्रिया हुई, जो गर्भ कल्याणक से शुरू होकर और मोक्ष कल्याणक के रूप तक हुई। 
सुबह जैसे ही आदिनाथ को कैलाश पर्वत से निर्वाण के साथ मोक्ष हुआ। वही उपाध्यायश्री विहसंत सागर महाराज ससंघ सानिध्य मे प्रतिष्ठाचार्य सतीश जैन शास्त्री ने मंत्रउच्चरण के साथ यज्ञनायक, सौधर्म इन्द्र, कुबेर सहित इंद्र-इंद्राणियो ने विश्व शांति महायज्ञ में अग्नि प्रकाट कर पूरे विश्वशांति के लिए यज्ञकुडं मे आहूति देकर विश्व की कामना करते हुए पूर्णाहूति दी गई।
वही जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम को पगड़ी पहनाकर व स्मृति चिन्ह से सम्मानित अयोजन समिति के अध्यक्ष मनोज जैन, महामंत्री पवन जैन, राजेश जैन लाला राजेंद्र जैन, पदमचंद जैन विपुल जैन आदि ने किया। सचालन उमेश जैन आभार पवन जैन ने किया।
 महोत्सव के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि पंचकल्याणक महोत्सव के अन्तिम दिन भगवान आदिनाथ को मोक्ष प्राप्ति के उपरांत गजरथ फेरी निकाली गई। गजरथ रथयात्रा में इंदा इंद्राणी सवार होकर भगवान अदिनाथ की प्रतिमा को लेकर बैठे थे। गजरथ फेरी मे उपाध्यायश्री विहसंत सागर महाराज, मुनिश्री विश्व सौम्या सागर महाराज ससंघ एवं हजारों की संख्या मे जैन समाज के लोगो ने पंडाल की सात परिक्रम लगाई गई। गजरथ के पीछे से महिलाएं भजन गाती एवं हाथो से रथ को ढकेलती हुई चल रही थी।