1971 पाक युद्ध विजय दिवस पर बीएसएफ अकादमी में शहीदों को याद किया

Dec 17 2023

ग्वालियर। सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर में 16 दिसंबर को 1971 में भारत पाक युद्ध के दौरान भारत की विजय पर 52वें साल में एक समारोह आयोजित कर जहां 1971 में शहीद हुये बीएसएफ अधिकारियों और कर्मियों को याद किया गया। वहीं इस अवसर पर मेजर जनरल सेवा निवृत अजय सेठ ने हृदय स्पर्शी वृतांत को सुनाया जिसे सुनकर हॉल में बैठे लोगों जिसमें नागरिक परिषद ग्वालियर के लोगों ने रोमांच का अनुभव करते हुये 1971 की याद को ताजा किया।
उल्लेखनीय है कि 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान देश की अग्रिम रक्षा पंक्ति बीएसएफ ने अपना महत्वपूर्ण योगदान उस समय दिया था जब वह 1965 में गठन के बाद शैशव काल में थी। उस समय बीएसएफ के पहले निदेशक केएफ रूस्तम के अथक योगदान और तत्कालीन बीएसएफ अकादमी टेकनपुर अकादमी ब्रिगेडियर बीसी पांडे के अथक प्रयासों से बांग्लादेश की मुक्ति वाहिनी को प्रशिक्षण दिया गया और अंत में सेना अर्ध सैनिक बलों ने समन्वय से युद्ध लडकर पाकिस्तान को परास्त कर विश्व का सबसे बडा आत्मसमर्पण कराया।
इस अवसर पर अपने उदबोधन में सेवा निवृत मेजर जनरल अजय सेठ ने अपने संस्मरण तथा किताबों में लिखे वृतांत को जीवंत सुनाते हुये कहा कि 1970 में पाकिस्तान में हुये आम चुनावों में पाकिस्तान के राष्ट्रपति मोहम्मद याहया खान ने अपनी हार के बाद पूर्वी पाकिस्तान शेख मुजीबररहमान की अवामी लीग की जीत के बाद उन्हें पाकिस्तान का राष्ट्रपति नहीं बनने दिया और अपने विश्वस्त टिक्का खान को ढाका भेजकर पूर्वी पाकिस्तान के लोगों पर अत्याचार किये। 
उसके बाद पूर्वी पाकिस्तान के लोगों ने भारत की तरफ पलायन करना शुरू किया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ युद्ध करने की घोषणा कर दी। इसके पहले सेना प्रमुख ने तो युद्ध की मना कर दी बाद में भारत पर युद्ध थोपा गया।
मेजर जनरल अजय सेठ ने बताया कि  पाकिस्तान के साथ तीन दिसंबर को शुरू हुआ युद्ध में भारत के भी कई सेना और अर्धसैनिक बल के अधिकारी एवं सैनिक शहीद हुये। लेकिन युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री ने पूर्वी पाकिस्तान को बांग्लादेश के नाम से अलग राष्ट्र बनाया। उन्होंने पाकिस्तान के साथ युद्ध की घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया। मेजर जनरल के वृतांत सुनकर लोग रोमांचित और भाव व्हिवल हो गये। मेजर जनरल के वृतांत सुनकर लोग 1971 के युद्ध की याद ताजा की। उन्होंने ऐसे संस्मरण सुनाये जो युद्ध को ताजा कर गई।
इस अवसर पर बीएसएफ के एडीजी एवं अकादमी निदेशक रवि गांधी ने भी अपने कर्तव्य के दौरान बांग्लादेश में जाकर वहां के हालातों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का युद्ध बहुत कुछ सीख भी सेना और अर्धसैनिक बल के लोगों को देता है वहीं अर्धसैनिक दल और सेना के लोग उससे प्रेरणा भी लेते हैं। वहीं तत्कालीन युद्ध के क्षेत्रों में जाकर वहां की जानकारी लोगों से अर्जित की। इस अवसर पर नागरिक परिषद के लोगों ने मुख्य अतिथि मेजर जनरल सेवा निवृत अजय सेठ, निदेशक अकादमी रवि गांधी संयुक्त निदेशक केएल शाह का स्वागत किया। वहीं बीएसएफ और नागरिक परिषद की तरफ से स्मृति चिन्ह भी दिये गये।
इससे पहले नागरिक परिषद के पदाधिकारियों जो कि ग्वालियर और डबरा से टेकनपुर पहुंचे थे। उन्होंने भी बीएसएफ के सहायक कमांडेंट स्व आरके बाधवा सहित उन शहीद कर्मियों को जिन्होंने 1971 युद्ध में अपनी अहम भूमिका निभाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 
कार्यक्रम का शुभारंभ मेजर जनरल सेवा निवृत सेठ, अकादमी निदेशक रवि गांधी, संयुक्त निदेशक केएल शाह तथा नागरिक परिषद के डा एसके शर्मा द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर बीएसएफ के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशिक्षु अधिकारी एवं कर्मी तथा नागरिक परिषद के कार्यकर्ता मज्ञैजूद रहे।