केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 में बाल मेले का भव्य आयोजन

Dec 16 2023

ग्वालियर। केंद्रीय विद्यालय संगठन के 60 वर्ष पूरे होने की खुशी में एवं दादा दादी दिवस के उपलक्ष में शनिवार को संकुल स्तर पर केंद्रीय विद्यालय क्रमांक1 में बाल मेले का आयोजन किया गया। मेले का आरंभ संकुल प्रभारी गौरव कुमार द्विवेदी प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय क्रमांक1, श्रीमती अंशु द्विवेदी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा मां सरस्वती की आराधना की गई। 
प्राचार्य गौरव कुमार द्विवेदी के द्वारा विभिन्न विद्यालयों से आए  अतिथियों मनीष तिलक प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय क्रमांक5, उमेश चंद्र प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 4, संजय अग्रवाल प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय बीएसएफ टेकनपुर, संजीव संभरिया प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय क्रमांक2, रोहित सक्सेना प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय क्रमांक3 श्रीमती तिलक और श्रीमती रावत का स्वागत डॉ भारती यादव द्वारा हरित पौधा एवं वेलकम कार्ड देकर किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न राज्यों के नृत्य प्रस्तुत किए गए जो कि बहुत मनमोहक थे। मणिपुर के गीत ने सभी का मन मोह लिया। मेले में राजस्थानी, उत्तर प्रदेश के, ब्रज की होली, मणिपुर का नृत्य, दक्षिण भारत के नृत्यों की प्रस्तुति द्वारा अनेकता में एकता का परिचय दिया गया। कला प्रदर्शनी ने सभी का मन मोह लिया। विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने रंगोली, मेहंदी प्रतियोगिता में भाग लिया।
मेले में विद्यार्थियों द्वारा अध्यापकों के मार्गदर्शन मैं अलग-अलग राज्यों के खाने-पीने के स्टॉल लगाए गए। हर स्टॉल अपने प्रांत का प्रतिनिधित्व कर रहा था। बच्चे प्रांतीय वेशभूषा में बहुत ही सुंदर लग रहे थे। फन गेम जोन में बच्चे बंदूक से गुब्बारे फोड़ रहे थे तो कहीं ग्लास के सेट पर निशाना लगा रहे थे। इसके साथ ही बाजार गेम का भी आनंद बच्चों ने खूब लिया। कठपुतली के नृत्य ने चार चांद लगा दिए। साथ ही विद्यालय में रंगोली, मेंहदी,पेंटिंग और बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिताओं का अयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने जोर शोर से प्रतियोगिताओं में भाग लिया। साथ ही आज ग्रांड पैरेंट्स डे भी मनाया गया। सभी दादा और दादियों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। मंच का संचालन दीक्षा और हर्षिता द्वारा सफलता पूर्वक किया गया।
प्रधानाध्यापिका डॉ भारती यादव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। अभिभावकों द्वारा मेले में बच्चों की प्रतिभागिता को खूब सराहा गया और ऐसे आयोजन भविष्य में भी करने का प्रस्ताव दिया गया।