स्वांग लोकनाट्य पर बाल कलाकारों ने किया प्रभावित: डॉ. द्विवेदी

Dec 15 2023

ग्वालियर। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर और राज्य शिक्षा केंद्र मध्य प्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में कला से समृद्ध शिक्षा का 53वां एपिसोड का लाइव प्रसारण आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम विशेष रूप से प्रदेश के कक्षा 1 से कक्षा 8 के समस्त विद्यार्थी, समस्त शिक्षक, समस्त फैकल्टी तथा डीएलएड, बीएड एवं एमएड के समस्त प्रशिक्षार्थियों के लिए आयोजित किया जाता है। लोकनाट्य स्वांग लोकनाट्य सामान्य परिचय विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. हिमांशु द्विवेदी (विभागाध्यक्ष, नाट्य एवं रंगमंच संकाय) उपस्थित थे।
पहले सत्र में द्विवेदी ने बताया कि भारतीय रंगमंच की परंपरा अत्यंत प्राचीनकाल से चली आ रही है। वही से लोकनाट्य का प्रारंभ हुआ। लोकनाट्य अर्थात् लोगो का नाटक, लोगो के द्वारा किया गया नाटक व लोगो के मनोरंजन के लिए किया गया नाटक लोकनाट्य कहलाता है। श्री  द्विवेदी ने बताया कि जैसे रामलीला, रासलीला, स्वांग, जात्रा यक्षगान, कुड्डीयट्टम, छाऊ आदि है। वैसे ही स्वांग लोकनाट्य है। 
इसके पश्चात द्वितीय सत्र में द्विवेदी जी द्वारा निर्देशित बाल रामायण केवट और निषाद प्रसंग रामलीला की प्रस्तुति हुई। यह नाटक की प्रस्तुति 5 वीं से 12 वीं तक के श्रमोदय आवासीय विद्यालय व जीवाजी राव विद्यालय के बच्चो के द्वारा की गई। कार्यक्रम के अंत मैं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर साहित्य कुमार नाहर और कुलसचिव प्रो. राकेश कुशवाहा ने सभी कलाकारों को, बच्चों को और विशेषज्ञ को शुभकामनाएं प्रेषित की।