एसिड पीने से युवक की आहार नली हुई खराब 8 डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर बड़ी आंत से दूसरी नली बना दी

Dec 11 2023

ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय समूह के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अपनी तरह का पहला ऑपरेशन हुआ है। इसमें गेस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने गलती से एसिड पी लेने वाले 22 वर्षीय युवक की खराब हो चुकी आहार नली की जगह कोलोनपुलअप सर्जरी की मदद से बड़ी आंत से भोजन की दूसरी नली बनाकर मरीज को राहत प्रदान की। सात घंटे तक चले इस ऑपरेशन को वरिष्ठ गेस्ट्रो सर्जन डॉ. आशीष श्रीवास्तव और उनक़ी 6 सदस्यीय टीम ने अंजाम दिया।
आहार नली खराब हो जाने के कारण युवक छह महीने से खाने-पीने के लिए परेशान था। इसके चलते वह दिल्ली तक इलाज के लिए गया लेकिन वहां इलाज पर करीब 5 लाख का खर्च आने के कारण वह वापस ग्वालियर लौटकर और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के गेस्ट्रो विभाग में पहुंचा। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने अब युवक को चलने-फिरने की अनुमति दे दी। इसके साथ ही अब उसे भोजन के रूप में पेय पदार्थ दिया जा रहा है।
दरअसल, सागर निवासी 22 वर्षीय जितेंद्र (परिवर्तित नाम) ने धोखे से टॉयलेट में उपयोग होने वाला एसिड पी लिया था जिसके कारण उसकी आहार नली खराब हो गई थी। इसके चलते वह छह महीने से खाने-पीने को परेशान हो रहा था। परिजन उसे लेकर दिल्ली गए, लेकिन वहां ऑपरेशन में 4 से 5 लाख रुपए का खर्च आ रहा था।
लिहाजा परिजन ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में गेस्ट्रो सर्जन डॉ. आशीष श्रीवास्तव को दिखाया। युवक चेकअप करने के बाद उसका कोलोनपुलअप सर्जरी से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन सात घंटे चला। टीम में सीनियर रेसीडेंट डॉ. अंजेनेलू, डॉ. सम्यक, डॉ. नीलिमा टंडन, डॉ. सीमा, डॉ. कुशल और डॉ. मनोहर जिंदल शामिल थे। ऑपरेशन के बाद युवक की हालत ठीक है। डॉक्टरों के मुताबिक अगले सप्ताह उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
क्या होती है कोलोनपुलअप सर्जरी
कोलोनपुलअप सर्जरी में बड़ी आंत की खून की नसों को प्रिजर्व करके बड़ी आंत के एक हिस्से को काटकर छाती के रास्ते खाने की नली में जोड़ा जाता है। इसमें मरीज की बड़ी आंत से खाने-पीने की नली बनाई जाती है। सर्जरी विभाग के डॉ. आशीष श्रीवास्तव के एमसीएच करके आने के बाद डीन डॉ. अक्षय निगम उन्हें सुपर स्पेशलिटी में पदस्थ कर गेस्ट्रो सर्जरी विभाग शुरू किया। अब अंचल के लिवर, पेट और आंतों के ऑपरेशन के लिए मरीजों का अब दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें यह सुविधा शहर में ही मिल जाएगी।