सरपंच विक्रम हत्याकांड का दस हजार का इनामी ईपीएफ कमिश्नर मुम्बई से पकड़ा
Dec 05 2023
ग्वालियर। बन्हेरी सरपंच की हत्या में फरार मुख्य आरोपी और दस हजार रुपये के इनामी ईपीएफ कमिश्नर को क्राइम ब्रांच और पड़ाव थाना पुलिस ने 15 दिन की मशक्कत के बाद मुंबई एयरपोर्ट से पकड़ा है।
मुंबई से पुलिस टीम ईपीएफ कमिश्नर को हिरासत में लेकर ग्वालियर आई और पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने पंद्रह दिन में पंद्रह ठिकाने बदले, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और उसे पकड़ लिया। जबकि इस मामले में सभी आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं और पीएफ कमिश्नर के पकड़े जाने के बाद अब इस मामलें में सभी आरोपी पकड़े जा चुके हंै।
डीआईजी ग्वालियर कृष्णावेणी देशावंतु ने बताया कि विगत नौ अक्टूबर को बन्हेरी सरपंच विक्रम रावत की हत्या में फरार ईपीएफ कमिश्नर मुकेश रावत को क्राइम ब्रांच और पड़ाव थाना पुलिस ने मु बई एयरपोर्ट से पकड़ा है। पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लेने के बाद पुलिस उसे लेकर ग्वालियर लेकर आई और उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
एसपी राजेश चंदेल ने बताया कि करीब 15 दिन से पुलिस की टीमें आरोपी मुकेश रावत की घेराबंदी में लगी हुई थीं। पुलिस की टीमों को आरोपी की तलाश में इन्दौर, जौधपुर भेजा गया था। तभी पुलिस को विवेचना पुलिस टीम को तकनीकी सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी मुकेश रावत मुंबई में मौजूद है और एयरपोर्ट पर देखा गया है।
इसका पता चलते ही डीआईजी सीआईएसएफ मनोज शर्मा एवं डिप्टी कमांडेंट सीआईएसएफ अरविन्द शर्मा से सहयोग करने का अनुरोध किया गया। जिसके बाद आरोपी का हुलिया अधिकारियों को बताई गई और फोटो आदि अधिकारियों को भेजे गये। जिसके बाद मुकेश रावत को मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ लिया। मुकेश को पुलिस अभिरक्षा में लेने के बाद अधिकारियों ने ग्वालियर पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद ग्वालियर पुलिस तुरंत मुंबई पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर ग्वालियर रवाना हुई।
उल्लेखनीय है कि 9 अक्टूबर को बन्हेरी गांव के सरपंच विक्रम रावत की सरेराह क्रांति नगर में उस समय आधा दर्जन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या की थी, जब वह वकील से मिलने पहुंचा था। वह कार से उतरा था कि तभी उस पर तीन तरफ से फायरिंग की थी, जिससे उसे बचने का मौका नहीं मिला। सरपंच की हत्या के मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिर तार कर लिया था और ईपीएफ कमिश्नर मुकेश रावत फरार था। जिसे पुलिस ने गिर तार कर लिया। मुकेश पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित था।
सरपंच विक्रम रावत की हत्या के बाद उसके परिजन तथा अन्य मिलने वालों ने बन्हेरी में जमकर उपद्रव कर सत्रह घरों में जमकर तोडफ़ोड़, मारपीट, आगजनी तथा लूटपाट की थी। इसके बाद सत्रह परिवारों ने गांव छोड़ दिया था और आज भी गांव में इन घरों में सन्नाटा पसरा है। इस मामले में पुलिस ने सत्रह लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें अभी पुलिस मात्र तीन आरोपी ही पकड़ पाई है और आरोपियों के पकड़े नहीं जाने से दहशत के चलते आधा गांव अभी भी खाली पड़ा हुआ है और यह परिवार दहशत के कारण वापस नहीं आए हैं।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









