परिवेश में कुटुम्ब प्रबोधन की आवश्यकता पर ओजस्विनी मंच की परिचर्चा आयोजित

Dec 04 2023

ग्वालियर। ओजस्विनी विचार मंच की 74 बहनों के द्वारा परिवेश में कुटुम्ब प्रबोधन की आवश्यकता पर ऑनलाइन मासिक परिचर्चा आयोजित की गई। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ वंदना मिश्र भोपाल से उपस्थित थी। 
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सुश्री भारती कुशवाह (प्रांत सहकार्यवाहिका, राष्ट्र सेविका समिति) एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर राजरानी शर्मा ने की। मुख्य वक्ता ने अपने उद्बोधन में कहा की कुटुंब प्राणों की पाठशाला है हम परिवार में संस्कारों से एक दूसरे के आचरण से कितनी ही अनकही बातें सीख जाते हैं। परिवार का प्रेम वह रसायन है जो बड़ी से बड़ी स्थिति का सामना करने की शक्ति देता है परंतु आज का युवा जिम्मेदारी लेना नहीं चाहता, आज परिवार में सहनशीलता की कमी एवं पारदर्शिका का अभाव टकराव की स्थिति निर्मित कर रहा है। 
एक स्त्री एक ग्रहणी अपने मातृत्व के भाव से आध्यात्म का पाठ पढ़ाते हुए परिवार को जोड़े रख सकती है उसका सही मार्गदर्शन भी कर सकती है। इसलिएअपने बच्चों से आध्यात्मिक चर्चा जरूर करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अंजना मिश्रा ने श्लोक से किया प्रस्तावना श्रीमती योगिता गुप्ता ने रखी एवं गीत की प्रस्तुति श्रीमती जिज्ञासा जादौन द्वारा की गई। परिचर्चा में भाग लेने वाली बहनों में डॉ. अनीता सेठी, डॉ. अलका प्रधान, श्रीमती सीमा दुबे, श्रीमती जनककुमारी सिंह बघेल (शहडोल), श्रीमती सरोज मिश्रा, श्रीमती आरती वझे, श्रीमती मनीषा तिवारी (टीकमगढ़) थीं। अतिथि परिचय-श्रीमती रितु भार्गव, गूगल मीट का संचालन श्रीमती मीना शर्मा ने किया और अंत में आभार मंच की अध्यक्ष डॉ कल्पना शर्मा ने व्यक्त किया।