श्रीजी पालकी में सवार होके निकले, अखंड कीर्तन का समापन

Nov 28 2023

ग्वालियर। जनकगंज स्थित श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर में वार्षिक उत्सव का आयोजन 21 से 30 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। यह उत्सव पिछले 186 साल से मनाया जा रहा है।
10 दिवसीय वार्षिक उत्सव में अनेक धार्मिक आयोजन किए गए आयोजन के आठवें दिन प्रभु श्री की उत्सव मूर्ति को लेकर पालकी यात्रा गाजेबाजे के साथ निकली, जिसमें मंदिर के महंत गोलोकवासी बाबा महाराज का छायाचित्र था। यात्रा का रास्ते भर भक्तों ने आतिशबाजी चला कर फूलमाला पुष्प अर्पित कर पूजा अर्चना की गई। पालकी यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर आनंद पैलेस में श्रीकृष्ण मंदिर पर पूजा अर्चना आरती कर वापिस मंदिर पहुंचने पर भगवान श्री की नजर उतारी गई। तदुपरांत उत्सव मूर्ति और गोलोकवासी बाबा महाराज को मंदिर में अपने स्थान पर विराजमान कर आरती की गई। आरती के बाद वि_ल मंदिर की तर्ज पर पहले फूल लुटाए गए जिनको जमीन से उठाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से मनचाही मन्नत की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि जिस जगह फूले गिरते हैं वहां 8 दिन तक लगातार प्रभु श्री के भजन होते है।  इसलिए इस प्रसाद से हर मंनन्त पूरी करता है
वही 21 तारीख से लगातार प्रभु को हाजिरी लगा रहे अखंड कीर्तन का भी मंगलवार को समापन हुआ। यह अखंड कीर्तन 21 तारीख से प्रारंभ हुआ था जो निरंतर बिना रुके पालकी यात्रा पालकी यात्रा के बाद समापन हुआ। इस अखंड भी कीर्तन मैं करीब 500 से ज्यादा महिला और पुरुष भक्तों ने अपनी सहभागिता दी गई। मंदिर प्रबंधन ने सभी भक्तों को पेढ़े और गोलोकवासी बाबा महाराज की अति प्रिय चाय सभी को प्रसाद के रूप में दी गई। वहीं 30 तारीख को महाप्रसादी भंडारा होगा।