भारत में संविधान संप्रभु है-डॉ नीति पांडेय

Nov 27 2023

ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ नीति पांडे ने हरिद्वार उत्तराखंड के देव संस्कृति विश्वविद्यालय में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्य पर उद्बोधन देते हुए कहा कि संविधान किसी भी देश की राजनीतिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलने वाला वह आधारभूत ढांचा है। जिससे सरकार के तीनों अंग विधायिका कार्यपालिका एवं न्यायपालिका का गठन होता है। उन्हें शक्तियां प्रदान की जाती हैं उनके ऊपर दायित्व अधिरोपित किए जाते हैं एवं उनके आपसी एवं जनता के साथ संबंधों को विनियमित किया जाता है। 
डॉ पांडेय ने कहा कि संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित, एवं आत्मार्पित किया गया इसीलिए पहले इस दिन को विधि दिवस के रूप में और वर्तमान में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ पांडेय ने कहा कि भारत में विधिक संप्रभुता संविधान में निहित है उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक न्यायिक निर्णयों से यह स्पष्ट होता है कि संविधान बेसिक लॉ आफ लैंड है जिससे सभी कानून वैधानिकता प्राप्त करते हैं उन्होंने कहा विधायिका ऐसा कोई कानून नहीं बन सकती जो संविधान के उपवंधों को विफल करता हो या संविधान से असंगत हो यदि ऐसा कोई कानून या प्रावधान बनता है तो वह उस सीमा तक शून्य होगा एवं असंवैधानिक घोषित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आदि की 200 छात्राएं शामिल थी।