अंग्रेजों को गुमराह करने में माहिर थीं झलकारी बाई: महापौर शोभा सिकरवार

Nov 22 2023

ग्वालियर। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की सेना की महिला शाखा दुर्गा दल की सेनापति झलकारी बाई की 193वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को आकाशवाणी स्थित झलकारी बाई की प्रतिमा पर कांगे्रस एवं भाजपा नेताओं के साथ कोली समाज के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। 
इस मौके पर महापौर शोभा सिकरवार ने झलकारी बाई के जीवन मे प्रकाश डालते हुए कहा गया कि झलकारी बाई का जन्म 22 नवंबर 1830 में झांसी के भोजला नामक ग्राम में एक गरीब परिवार में हुआ था। बचपन से ही बहुत साहसी थी। लकड़ी काटने के दौरान तेंदुए से भिड़ंत हो गई थी और तेंदुए को मारा डाला था। झलकारी बाई को झांसी की रानी की हमशल भी बताया जाता है।
महापौर शोभा सिकरवार ने कहा कि झलकारी बाई ने अपने जीवन में कभी भी अंग्रेजों से हार नहीं मानी और वह रानी लक्ष्मीबाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्ध करती रहीं। अंग्रेजों को गुमराह करने में वह माहिर थीं। क्योंकि उनकी कद काठी और चेहरा रानी लक्ष्मीबाई से काफी मिलता-जुलता था। यही कारण था कि कई बार वह अंग्रेजों को गुमराह करने के लिए रानी लक्ष्मीबाई की भेष-भूषा में युद्ध करने जाती थीं। अंग्रेज इससे गलतफहमी का शिकार होकर युद्ध करते रहते थे। 
भाजपा जिलाध्यक्ष अभय चौधरी ने झलकारी बाई को एक महान व्यक्तित्व की नारी बताते हुए उनसे प्रेरणा लेकर समाज को मजबूत करने का कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत ही गौरव का दिन है, जब वीरांगना झलकारी बाई की जयंती मनाई जा रही है, योंकि अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं है। उन्होंने कहा कि सन् 1857 में स्वाधीनता संग्राम में हम सभी ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का नाम तो सुना है, लेकिन वीरांगना झलकारी बाई के नाम को इतिहास में उतना अधिक नहीं जानते।
उन्होंने कहा कि मैथिली शरण गुप्त ने अपनी कविता में झलकारी बाई जी का वर्णन किया है कि आकर रण में ललकारी थी, वह तो झांसी की झलकारी थी। गोरों से लडऩा सीखा गई, रानी बन जौहर दिखा गयी, इतिहास में झलक रही वह भारत की ही नारी थी, आकर रण में ललकारी थी, वह तो झांसी की झलकारी थी।
उन्होंने कहा कि हमारे समाज की महिलाएँ, बेटियां झलकारी बाई से प्रेरणा लें यही हमारा लक्ष्य है। आज के युग में हमारी बेटियां अंतरिक्ष, खेल, डिफेंस सहित विभिन्न क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में अंग्रेजो से युध्द किया और 4 अप्रैल 1857 को वीरगति को प्राप्त हुई।
इस मौके पर महापौर शोभा सिकरवार विधायक सतीश सिकरवार, शहर जिला कांगे्रस अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ कांगे्रस नेता अमर सिंह माहौर सहित कांगे्रस के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष अभय चौधरी पूर्व सभापति राकेश माहौर सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।