दो बार रोपवे का शिलान्यास समारोह हो गया, पर आज तक निर्माण नहीं हो पाया: राज बब्बर

Nov 10 2023

ग्वालियर। ग्वालियर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोपवे बनाने की बात हुई और तब के महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, जो कि अब सांसद हैं, ने एक बार शिलान्यास कर दिया, फिर एक बार और इसी रोपवे को बनाने के लिए शिलान्यास समारोह हो गया, पर आज तक रोपवे का निर्माण नहीं हो पाया। दो बार इसी तरह शिलान्यास होने और हेडलाइन छपने के बाद भी अब तक रोप-वे नहीं बन सका यानि हर बार भाजपा ने रोपवे के नाम पर ग्वालियर के लोगों के साथ केवल राजनीति की! 
रोपवे क्यों नहीं बन रहा है, इस सवाल पर कुछ दबी ज़ुबान से जवाब भी आते हैं कि अगर रोप-वे बना तो सिंधिया परिवार की प्राईवेसी पर असर पड़ेगा! बताइये कि क्या सिंधिया परिवार की प्राईवेसी का मेंटेनेंस इतना जरूरी है, कि एक परिवार को खुश रखने के लिए पूरे ग्वालियर के टूरिज़म को आसान और आकर्षक बनाने से वंचित कर दिया गया? ग्वालियर के कि़ले पर अमिताभ बच्चन की आवाज में किले का शानदार इतिहास बताते हुए बड़ा प्रभावशाली लाइट एंड साउंड शो हुआ करता था, जिससे ग्वालियर कि़ले की पहचान में चार चाँद लगते थे। आज वो भी बंद है।
 महल-दुमहले अब पुराने राजाओं के समय होते थे, अब इनका मध्यप्रदेशीकरण करते हुए आम पब्लिक के लिये खोल दिया जाना चाहिये। ये इसलिये भी जरूरी है ग्वालियर स्मार्ट सिटी केवल महल के आसपास ही बनी हुई दिखती है, तो पब्लिक प्रॉपर्टी ही हुई। इसलिये इसे पब्लिक के लिए पूरी तरह उपलब्ध होना चाहिये।
 18 साल से शिवराज सरकार मध्य प्रदेश की सत्ता पर काबिज है। उसके बावजूद भी आज तक ग्वालियर चंबल संभाग में कोई भी बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया विकसित नहीं किया गया। यहां के जो पुराने महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल एरिया थे जैसे बामोर और मालनपुर, आज वहां पर जो इंडस्ट्री हैं, वे लगभग बंद होने की कगार पर हैं। ग्वालियर शहर में अमृत योजना के नाम पर ब्यापक भ्रष्टाचार हुआ और आज भी शहर स्वच्छ पीने के पानी के लिए तरस रहा है। सीवर की समस्या जस की तस बनी हुई है और चम्बल से पानी लाने का वायदा भी सिर्फ जुमला ही बन कर रह गया। इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता धर्मेन्द्र शर्मा एवं सुरेन्द्र राजपूत मौजूद थे।