भगवान अभिमानी का अभिमान तोडते हैं: भागवताचार्य पचौरी

Nov 01 2023

ग्वालियर। भागवताचार्य अतुल कृष्ण पचौरी महाराज श्रीधाम वृंदावन ने कहा है कि भगवान हमेशा अभिमानी का अभिमान तोड कर अपने भक्त का मान बढाते हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार उन्होंने गोपियों को जो नग्न नदी में स्नान करने जाती थीं उनकी अविद्या का अभिमान को तोडा है।
भागवताचार्य अतुल कृष्ण पचौरी महाराज आदित्यपुरम आस्था नगर  वसुन्धरा गार्डन में चल रही संगीतमयी श्रीमद भागवत कथा के पांचवे दिन गोवर्धन पूजा के महत्व पर श्रद्धालुओं के समक्ष भागवत कथा की रस धारा बहा रहे थे। उन्होंने कथा प्रसंग को आगे बढाते हुये कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इन्द्र का अभिमान उनकी गोकुल वासियों द्वारा पूजा नहीं करने और इन्द्र द्वारा वर्षा कर गोकुल को बहाने के बाद गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर तोडा। वहीं रोजाना नदी में माघ माह में नग्न होकर नहाने जाने वाली गोपियों के वस्त्रहरण कर अभिमान को तोडा। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने उनके वस्त्र का हरण नहीं किया था बल्कि उन्होंने उस अविद्या का हरण किया था जिससे वह भूल कर रहे थे। उन्होने कहा कि किसी भी नदी में नग्न होकर नहीं नहाना चाहिये। इससे भगवान रूष्ट हो जाते हैं।
आस्था नगर वसुन्धरा गार्डन में 25 अक्टूबर से शुरू हुई भागवताचार्य अतुल कृष्ण पचौरी की संगीतमयी कथा में परीक्षित श्रीमती सरस्वती एवं राजेन्द्र सिंह परिहार हैं। इस कथा में धीरू परिहार का भी विशेष योगदान रहा है। आज दो नवंबर को कथा का विश्राम है। इसी दिन हवन पूर्णाहुति एवं भंडारा भी होगा।