पंडाल और घरों में विराजीं सिंहवाहिनी

Oct 15 2023

ग्वालियर। सिंहवाहिनी मां दुर्गा आज सुबह से पंडालों में गाजे-बाजे के साथ शुभ मुहूर्त में पहुंच रही हैं। दुर्गा प्रतिमा स्थापना से पहले विधि- विधान के साथ घट स्थापना की गई। भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करने के लिए मां दुर्गा इस बार हाथी पर सवार होकर आई है। आज रविवार को शारदीय नवरात्रि का पर्व विशेष संयोगों के साथ शुरू हुआ जो 23 अक्टूबर तक चलेगा। विधि विधान के साथ प्रतिमाओं को स्थापित किया जा रहा है। नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों में अच्छी खासी भीड़ नजर आ रही है। व्रतधारी भी माता की भक्ति करते हुए सुबह से व्रत रखे हुए सुबह से ही गलियों और मोहल्लों में माता के भजन सुनाई दे रहे हैं। मंदिरों में निरंतर घंटे घडिय़ाल बज रहे हैं।
सिंहवाहिनी मां दुर्गा की प्रतिमाएं पंडालों में स्थापित करने के लिए सुबह से ही भक्त मूर्तिकारों के यहां खड़े नजर आए और मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को फाइनल टच देने के लिए रातभर जुटे रहे। पहले दिन भक्त मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भक्त 9 दिन तक मंदिरों में पहुंचकर मनोकामनाएं मांगेंगे, तो पंडालों में भी धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। भक्त मूर्तिकारों के यहां से प्रतिमाओं की आरती कर गाजे-बाजे और ढोल ताशों के साथ स्थापित करने के लिए ले जा रहे हैं।
लक्ष्मीनारायण मंदिर में होगी विशेष पूजा
लक्ष्मी नारायण मंदिर जनकगंज में नवरात्रि उत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। जिसमें प्रतिदिन प्रात: भक्तों द्वारा माता महालक्ष्मी का अभिषेक किया • जाएगा। साथ ही प्रतिदिन दुर्गा प्रतिमाओं का विशेष शृंगार होगा जिसमें उनको प्रतिदिन नई पोशाक धारण कराई जाएगी। मंदिर में दूर-दूर से भक्त आकर लक्ष्मी माता की महाआरती और पूजा अर्चना करते हैं जिससे भक्तों को धन संपदा की प्राप्ति होती है इस नौ दिवसीय आयोजन में माता लक्ष्मी को पंचमी और अष्टमी पर विशेष शृंगार किया जाता है साथी मंदिर की भजन मंडली द्वारा प्रतिदिन सुबह और शाम मातारानी के भजनों की प्रस्तुति दी जानी है।