श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता की कथा सुनाई

Oct 04 2023

ग्वालियर। चेतकपुरी स्थित विवेक विहार कॉलोनी में विवेक विहार वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पं. घनश्याम शास्त्री महाराज ने भागवत कथा के समापन दिन पर बताया कि यमराज द्वारका पहुंचे और श्रीकृष्ण से कहा- क्षमा करें भगवन, लेकिन सत्य तो यह है कि यमपुरी में शायद अब मेरी कोई आवश्यकता नही रही। इसलिए में आपको पृथ्वीलोक के प्राणियों के कर्मों का बहीखाता सौंपने आया हूं। यह कहते हुए यमराज ने भगवान के समक्ष सारा बहीखाता रख दिया। आगे शास्त्री जी ने बताया कि सुदामा चरित्र के माध्यम से लोगों को निस्वार्थ भाव से मित्रता निभाने का संदेश दिया। आगे कथा में श्री सुखदेव ने राजा परीक्षित को भागवत महापुराण सात दिन के अंदर सुना कर उन्हें भगवत धाम का अधिकारी बनाया। मरने वाले व्यक्ति को क्या करना चाहिए? इस प्रश्न के उत्तर में ही श्री सुखदेव ने राजा परीक्षित को सात दिन तक भागवत सुनाई। 
जब तक्षक नाग राजा परीक्षित को डसने आया, उससे पहले राजा परीक्षित भगवान के धाम में मन लगा कर बैठ गए और तक्षक का स्पर्श होने से केवल शरीर नष्ट हुआ आत्मा को कोई कष्ट नहीं। शास्त्री जी ने आगे कहा कि माता-पिता के जीवित रहते पुत्र को शनि का प्रभाव नहीं पड़ता बशर्त प्रात: काल उठकर पुत्र माता-पिता के नित्य चरण स्पर्श करें। 
इस अवसर पर पूर्व मंत्री माया सिंह, परीक्षित रामकली राठौर, श्रीमती प्रभा गुप्ता, श्रीमती सुमन जडिय़ा, राकेश शर्मा, प्रशांत मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार विनोद गुप्ता, सीएम मिश्रा, एचके खेंगर, बंटी कुशवाह, आनंद शर्मा एवं विवेक विहार वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों द्वारा भागवत भगवान जी की आरती की।