विश्व हृदय दिवस: दिल दा मामला है. रखें खयाल तो चलेंगे सालों-साल

Sep 30 2023

ग्वालियर। दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हृदय रोग है। यह दुनियाभर में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण है। एक आंकड़े के मुताबिक अकेले अमरीका में 11 फीसदी पुरुष जबकि 9 फीसदी महिलाएं हृदय रोग की शिकार हैं। भारत में भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे बड़े खतरे के रूप में देखते आ रहे हैं। जिस तरह से देश में हृदय रोग के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, यह भविष्य के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।70 फीसदी आबादी खतरे में भारत की 70 फीसदी आबादी हृदयाघात के खतरे पर जी रही है। हाल में किए गए एक सर्वे के मुताबिक, हृदयाघात का खतरा गांवों की आबादी की तुलना में शहरों में रहने वाले लोगों को तीन गुना ज्यादा है। एक सर्वे में सामने आया है कि देश में हर चौथे मिनट में एक व्यक्ति हृदयाघात का शिकार हो जाता है। 
वहीं, भारत में हर साल होने वाली 28 फीसदी मौतों का कारण हार्ट अटैक या दिल से जुड़ी बीमारियां हैं। शुरुआत में पहचान तो इलाज मुमकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय रोगों का अगर शुरुआत में ही पता चल जाए तो इसका इलाज और ठीक होने की संभावना अधिक हो सकती है। इसके लिए हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों को पहचानना आवश्यक होता है। अनदेखा न करें सीने में लगातार बनी रहने वाली असहजता को बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। यह हृदय रोगों का शुरुआती संकेत हो सकता है। यदि आपकी धमनियों में किसी प्रकार का अवरोध हो तो इससे हृदयाघात, छाती में दबाव, जकडऩ जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। यदि आपमें ऐसे लक्षण लगातार बने रहते हैं तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।हाथों तक बढऩे वाला दर्द खतरनाक हृदय रोग, विशेषकर हृदयाघात की स्थिति में छाती में होने वाला दर्द अक्सर हाथों तक बढ़ सकता है, ऐसे लक्षणों के दिखते ही तुरंत अलर्ट हो जाना चाहिए। यदि सीने के साथ आपके हाथों में भी लगातार दर्द की समस्या बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। यह गंभीर हृदय रोगों का संकेत हो सकता है।ज्यादा नमक से लाखों की मौत हाल ही 187 देशों की जनसंख्याओं पर किए गए अध्ययन से पता चला कि 17 लाख मृत्यु भोजन में ज्यादा नमक के कारण हुईं। भारत इन्हीं देशों में से एक है, जहां पर नमक का खाने में उपयोग ज्यादा हो रहा है। यह स्थिति दोहरी चिंता का विषय है क्योंकि भारत में टाइप-2 के मधुमेह रोगी हैं जो अपने खाने में ज्यादा नमक का इस्तेमाल करते हैं और उनमें हार्ट अटैक आने का खतरा दोगुना होता है।
डॉ. गौरव कवि भार्गव डीएम कार्डियोलॉजिस्ट एसोसिएट प्रोफेसर जीआरएमसी ग्वालियर का कहना है कि ऐसे रखें अपने दिल का ख्याल रखें। सबसे पहले अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव लाना होगा। देर रात तक जागने से बचें और रात में ज्यादा गैजेट्स के इस्तेमाल से भी बचें। खानपान का भी विशेष ध्यान रखें। कम कार्ब व कम वसा युक्त भोजन ज्यादा खाएं। कोशिश ये करें कि शाम को 6 या 7 बजे के बाद कुछ भी खाना न खाएं। इसके अलावा सुबह ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन व फाइबर युक्त खाना लें। व्यायाम का भी विशेष ध्यान रखें। दिल की सेहत के लिए कार्डियो एक्सरसाइज को बेहतर माना जाता है। रोज कम से कम 40 मिनट ब्रिस्क वॉक करें या साइकिल चलाएं। इसके अलावा स्विमिंग भी फायदा पहुंचाती है।इनका कहना है हृदय रोग से बचने के लिए जीवन में तनाव नहीं लें व पूरी नींद लेनी चाहिए। नियमित व्यायाम करें, फास्ट फूड नहीं खाएं। छाती में दर्द को सामान्य नहीं समझें। तला-भुना नहीं खाएं।