जीवन में ऊंचा उठाना है तो भजन कीजिए साहब:घनश्याम शास्त्री

Sep 30 2023

ग्वालियर। विवेक विहार कॉलोनी चेतकपुरी मे चल रही श्रीमद् भागवत कथा में भागवत आचार्य पं. घनश्याम शास्त्री महाराज ने बताया कि सत्य और वक्त पर परिचर्चा करते हुए समय का सदुपयोग करते हुए भगवान का स्मरण करने को कहा, क्योंकि जो समय बीत गया वो कल नहीं आएगा, अत: मनुष्य का सबसे कीमती चीज वक्त है, जो पैसे से भी नहीं खरीदा जा सकता यह सारा जगत ब्रह्म से निकला है और ब्रह्म में ही समा जाता है। ब्रह्म की इस लीला को जो समझ पाता है, उसी को जगत में सुख और शांति प्राप्त होती है धर्म की जड़ हमेशा हरी रहती है।
शास्त्री जी ने कपिल मुनि प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि सदाचार का पालन करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। भगवान एक है किंतु उसके रूप अनेक हैं। प्रभु घट घट में विराजमान है। भगवान की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता है। शास्त्री जी ने आगे कहा कि सत्य के मार्ग पर चलने वालों की कभी हार नहीं होती। प्रेम ही परमात्मा का स्वरूप है और परमात्मा को प्रेम प्रिय है। परमात्मा को पाने का साधन प्रेम ही है और प्रेम को प्रकट करने के लिए परमात्मा की कथा सुनना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अन्न का कण और संत का क्षण बहुमुल्य होता है। भागवत के मुख्य श्रोता हैं राजा परीक्षित, उनको श्राप के कारण श्री सुखदेवजी ने सात दिन की भागवत कथा का श्रवण कराया। राजा परीक्षित का सात दिनों के अंदर मोक्ष हो जाता है, यानि कि सात दिन में ही मनुष्य शरीर को छोड़ता है। कथा के अंत में सीएम मिश्रा, एचके खेंगर, विनोद गुप्ता, विष्णु राठौर, बंटी कुशवाह, हेमंत कंजोलिया, विपिन केसवानी, विवेक तिवारी, हरिओम शर्मा ने आरती की।