चुनाव आचार संहिता के डर से हथियार लाइसेंस के आवेदकों की भीड़, कलेक्ट्रेट में पोस्टर लगे

Sep 14 2023

ग्वालियर। चुनाव आचार संहिता के डर से हथियार लाइसेंस के आवेदकों की भीड़ कलेक्ट्रेट में बढ़ गई है। ये न तो स्टाफ को चुनाव संबंधी दूसरे काम करने दे रहे हैं न अफसरों को। इसी कारण कलेक्ट्रेट में लाइसेंस बंद होने की सूचना के पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं।
दूसरी तरफ लाइसेंस के लिए नेताओं की सिफारिश भी बढ़ गई हैं। वर्तमान में हथियार लाइसेंस के छह हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। जिले में लाइसेंसी हथियारों की संख्या 31 हजार 400 को पार कर गई है। यह अंचल के अन्य जिलों की तुलना में सर्वाधिक है।
लाइसेंसी हथियार के लिए सांसद-विधायक से ज्यादा केंद्रीय व राज्य मंत्रियों की सिफारिश वाले कई पत्र कलेक्ट्रेट की अलग-अलग शाखाओं में मौजूद हैं। इनमें 450 से अधिक आवेदकों को लाइसेंस देने की अनुशंसा नेताओं ने की है। चूंकि ये आवेदन भी इन दिनों बस्ते में बंद हैं।
साथ ही अधिकारी कह रहे हैं कि नेताओं की लाइसेंस को लेकर सिफारिश न कराएं। बात यदि लाइसेंस जारी करने को लेकर करें तो इस साल अगस्त तक 1286 नए लाइसेंस बन चुके हैं। अब आवेदकों को कंट्रोल करने के लिए ही कलेक्टर, एडीएम दफ्तर के बाहर लाइसेंस प्रक्रिया बंद होने की सूचना चस्पा की गई है।
कलेक्टर कार्यालय से 360 आवेदनों पर वन विभाग से एनओसी की मांग की गई है। 15 दिन में वन विभाग से एक भी आवेदक के नाम एनओसी जारी नहीं हुई है। आवेदकों के मुताबिक वन विभाग पत्र की मांग कर रहा है जबकि कलेक्टर कार्यालय विभाग का आदेश लगाकर आवेदन भेज रहा है। वन अफसर इसे मान्य नहीं कर रहे हैं।
चुनाव में रिन्युवल भी देरी से
हर साल दिसंबर में 7-8 हजार हथियार लाइसेंस नवीनीकरण होते हैं। इस बार अक्टूबर से चुनाव प्रक्रिया रफ्तार पकड़ेगी। ऐसे में नवीनीकरण के बाद लाइसेंस की वापसी नए साल में ही संभव लग रही है। आवेदन लेट जमा करने पर लेट फीस भी लग सकती है।