विकास की तस्वीर! अंतिम संस्कार के लिए नदी में से गुजरती अर्थी

Sep 13 2023

ग्वालियर। डबरा के सिरसा और सेंकरा गांव के बीच नदी पर रपटा नहीं है। नदी के दूसरे छोर पर मुक्तिधाम बना है। इस नदी पर रपटा नहीं होने की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में सेंकरा गांव के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए नदी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। इस दौरान कुछ लोग अर्थी लेकर आगे चल रहे थे। तो वहीं किसी के हाथ में लकड़ी तो किसी के हाथ में अंतिम संस्कार की सामग्री नजर आ रही थी।
ग्वालियर जिले में आज भी कुछ गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। डबरा के एक गांव में अंतिम संस्कार के लिए गांव वालों को नदी में से होकर गुजरना पड़ता है। नदी पर रपटा नहीं है इसलिए अर्थी को बीच नदी से होकर शमशान तक पहुंचाना पड़ता है। वीडियो वायरल होने पर कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
ग्वालियर के डबरा में सिरसा और सेंकरा गांव के बीच से नोन नदी निकली है। नदी के दूसरे छोर पर मुक्तिधाम बना है। इस नदी पर रपटा नहीं होने की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में यहां हालात बद से बदतर हो जाते हैं। सेंकरा गांव के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए नदी के बीच से होकर ही शमशान तक जाना पड़ता है।
नदी पार करते हुए लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अंतिम संस्कार के लिए जा रहे लोग चढ़ती हुई नदी पारकर जान का जोखिम उठा रहे थे। कुछ लोग अर्थी लेकर आगे चल रहे थे। तो वहीं किसी के हाथ में लकड़ी तो किसी के हाथ में अंतिम संस्कार की सामग्री नजर आ रही थी। वीडियो वायरल होने पर गांव के लोगों की समस्या सामने आई। इस पर अब राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह का कहना है कि बीजेपी यात्राओं के जरिए विकास के दावे कर रही है, लेकिन जनता को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। 
वहीं भाजपा ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। उसका कहना है डबरा के कांग्रेस विधायक सुरेश राजे जनता को मूलभूत सुविधाएं नहीं दे रहे हैं। उन्हें जनता जगाएगी और विधायकी से मुक्त करेगी।