जन्माष्टमी पर मथुरा की पोशाक, अयोध्या के मुकुट की डिमांड ज्यादा

Sep 05 2023

ग्वालियर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 7 सितंबर को है। जन्माष्टमी के करीब आते ही बाजारों में लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं, पोशाक, बांसुरी, पालना, मुकुट, मोरपंख, मोती माला, चांदी की करधनी, पायल व सजावटी सामग्री की खरीदारी शुरू हो चुकी है। खास बात यह है कि इस बार पोषाक से लेकर भगवान की ज्वेलरी और पगड़ी-साफा नए-नए डिजाइन के बाजार में आए हैं। ऐसे पालने भी हैं, जिन्हें ले जाकर घर में सजाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, कृत्रिम फूलों से यह पहले से सजे हुए हैं।
ज्यादातर प्रतिमाएं मथुरा से मंगाई गई हैं, तो ज्वेलरी अहमदाबाद व दिल्ली से आई हैं। बाजारों में बनारस और अयोध्या के मुकुट, नाथद्वारा की पगड़ी तो मुरादाबाद के पीतल और वृंदावन की लकड़ी वाले झूलों की डिमांड ज्यादा है।
कोलकाता, मथुरा, आगरा के मोरपंख बांसुरी और मथुरा से आई रंगबिरंगी गोटा व मोती जडि़त पोशाकें भी लोग पसंद कर रहे हैं। सराफा में बाजार में चांदी की प्रतिमा और बांसुरी की भी डिमांड है। सराफा व्यापारी  ने बताया कि इस बार लड्डू गोपाल से जुड़ी सामग्री का कारोबार अ‘छा खासा होने का अनुमान है। लोग मंदिरों के लिए एक से डेढ़ फीट तक की, जबकि घरों में 3 से 8 इंच तक की प्रतिमाएं ले जाना पसंद कर रहे हैं।
जन्माष्टमी पर राधाकृष्ण पहनेंगे 100 करोड़ के जेवरात
फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान राधाकृष्ण की प्रतिमा 100 करोड़ के जेवरातों से सजेगी। बेशकीमती जेवरातों में हीरे जवाहरातों से जड़ा स्वर्ण मुकुट, पन्ना और सोने का सात लड़ी का हार, 249 शुद्ध मोतियों की माला, हीरे में जड़ा कंगन, हीरे और सोने की बांसुरी, प्रतिमा का विशालकाय चांदी का छत्र, 50 किलो के चांदी के बर्तन सहित भगवान श्रीजी, राधा के झुमके, सोने की नथ, कंठी, चूडिय़ां, कड़े, भगवान की समई, इत्रदान, पिचकारी, धूपदान, चलनी, सांकडी, छत्र, मुकुट, गिलास, कटोरी, कुंभकरणी, निरंजनी आदि शामिल हैं। अभी यह सभी जेवरात निगम द्वारा बैंक के लॉकर में रखे हुए हैं। 
जिन्हें जन्माष्टमी के दिन प्रात: महापौर डॅा. शोभा सिकरवार, आयुक्त हर्ष सिंह सहित जिला प्रशासन के प्रतिनिधि की उपस्थिति में खोलकर मंदिर लाया जाएगा। रात्रि 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के उपरांत इन जेवरातों को कड़ी सुरक्षा में निगम कोषालय में रखकर दूसरे दिन बैंक लॉकर में फिर से रखा जाएगा।