महर्षि अरविन्द आधुनिक भारत के सबसे प्रसिद्ध दर्शनशास्त्री-विभाष उपाध्याय

Sep 03 2023

ग्वालियर। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष माननीय विभाष उपाध्याय ने अपने ग्वालियर प्रवास के दौरान रमन शिक्षा समिति के अध्यक्ष समाजसेवी हरिओम गौतम के निवास पर नगर के नागरिकों के साथ बौद्धिक चर्चा की। 
दो दिवसीय ग्वालियर प्रवास पर आये मप्र जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष समाजसेवी हरिओम गौतम के निवास यमुनानगर पर पहुँचे जहाँ पर समाजसेवी हरिओम गौतम के साथ नगर के कई नागरिकों ने उनका मंत्रोचारण के साथ भव्य स्वागत किया। इसके बाद समाजसेवी हरिओम गौतम ने विभाष उपाध्याय एवं उनकी धर्मपत्नी का शॉल, श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। इसके बाद उपस्थित सभी नागरिकों ने उनका नागरिक अभिनंदन किया।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विभाष उपाध्याय ने कहा कि अरविन्द घोष आधुनिक भारत के सबसे प्रसिद्ध दर्शनशास्त्री थे। महर्षि अरविंद का जन्म 15 अगस्त 1872 को कलकत्ता में हुआ था। वह एक योगी, द्रष्टा, दार्शनिक, कवि और भारतीय राष्ट्रवादी थे। कुछ समय के लिये वो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक नेता भी थे जो बाद में एक योगी, गुरु और रहस्यवादी बन गये। विदेश से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, वो भारत लौटे और भारतीय संस्कृति, धर्म और दर्शन में शामिल हो गये। उन्होंने भारत में संस्कृत भी सीखी। बाद ब्रिटिश शासन के खिलाफ देश के स्वतंत्रता आंदोलन से वो जुड गये। बाद में अरविन्द एक संत के रुप में परिवर्तित हो गये और भारतीय लोगों के कल्याण और मानवता की सेवा के लिये उन्होंने सेवा करने की शुरुआत की। ये वो समय था जब उन्हें अरविन्द के रुप में प्रसिद्धी मिली। उन्होंने कई आश्रम खोलें जिसका उपयोग एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीने की कला के बारे में लोगों को सीखाने में होने लगा। इसके बाद विभाष उपाध्याय ने उपस्थित लोगों को दस मिनट तक ध्यान कराया। ध्यान के उपरान्त उपाध्याय व हरिओम गौतम को महर्षि अरविन्द के विचारों पर रचित दो पुस्तकें भेंट की।
इस अवसर पर सुशील बरुआ, एडवोकेट डीपीएस भदौरिया, आरएन बरुआ, सुरेन्द्र शुक्ला, सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. लोकेश तिवारी, धर्मेन्द्र दीक्षित, बीएल धाकड़, परमानन्द श्रीवास, रामदास माहौर, अशोक सोलंकी, राधावल्लभ शर्मा, संजय शर्मा, आशीष चौहान, घनश्याम रायपुरिया, अंकित दुबे, सूरज शर्मा, सुमित गौतम सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।