सितंबर भी अप्रैल के महीने जैसा तप रहा

Sep 02 2023

ग्वालियर। मानसून ने इस बार ग्वालियर वालों को तो निराश किया ही है साथ ही मौसम की मार भी ग्वालियरवासियों को झेलनी पड़ रही है। महीना सितंबर का चल रहा है और दिन अप्रैल के महीने जैसा तप रहा है। यह तब हो रहा है जब अमूमन सितंबर के महीने में गर्मी का गुस्सा कम होने लगता है पर इस साल ऐसा कुछ भी होता नहीं नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि लोग जैसे ही दिन में बाहर निकलते हैं पसीना-पसीना होकर लौटते हैं।
इस साल बारिश कम होने की वजह से वातावरण में उतनी नमी नहीं आ पाई है जितनी अमूमन सितंबर माह में देखने को मिलती है। वातावरण में नमी ना होने से घर से बाहर निकलने पर धूप परेशान कर रही है तो घरों में भरी उमस लोगों को बेचैन किए हुए है।
सितंबर महीने की गर्मी लोगों को परेशान तो कर ही रही है साथ ही बीमारी भी परोस रही है। घर-घर वायरल फीवर घंटी बजा रहा है और लोगों को कम से कम तीन रोज के लिए बिस्तर पकडऩे को मजबूर कर रहा है। डॉक्टर भी कहते हैं कि यह मौसम काफी सावधान रहने वाला है। खासतौर से कमजोर इम्युनिटी वालों को संभल कर रहना होगा वरना उन्हें बिस्तर पकडऩे में देरी नहीं लगेगी। बच्चों को भी मौसम की मार से बचाने की जरूरत है क्योंकि यह चमकीली धूप उन्हें बीमार कर सकती है।
एकसपर्ट कहते हैं कि गर्मी देख लोगों ने एक बार फिर से कूलर में पानी भरकर चलाना शुरु कर दिया है पर यह ठीक नहीं है क्योंकि यह जो सीजन है वह मलेरिया, डेंगू को फैलाने के लिए जिम्मेदार मच्छरों का प्रजनन काल का समय है। इन मच्छरों के लार्वा जमे पानी में ही पनपते हैं। इसलिए बेहतर यही होगा कि कूलर का इस्तेमाल ना ही करें, क्योंकि इसमें जमा पानी बीमारी फैलाने वाले मच्छरों के लिए एक अ‘छा घर साबित होता है।