राखी पर ग्वालियर से इंदौर 850 रुपए किराया, स्लीपर बस में 1150 रुपए में मिली सीट

Aug 30 2023

ग्वालियर। बुधवार को रक्षाबंधन के त्योहार था और उससे पहले बस, ट्रेन व फ्लाइट फुल हो गए हैं। बहने अपने भाइयों को राखी बांधने और बाहर काम करने वाले अपने घरों को लौट रहे थे। तीन साल से कोविड के चलते राखी के त्योहार पर वो चमक नहीं थी, लेकिन इस बार त्योहार पर बाजार से लेकर घरों तक में रौनक है। यही कारण है कि त्योहार पर घर लौटने वालों की भीड़ के चलते बसों में मनमाना किराया वसूला जा रहा है।
ग्वालियर से इंदौर और ग्वालियर से भोपाल व उज्जैन के किराए में स्लीपर बस वाले 100 से 300 रुपए तक ज्यादा वसूल रहे हैं। इसी तरह लोकल बस वाले बस ऑपरेटरों ने भी आसपास के शहरों के किराए में 50 से 60 रुपए का इजाफा कर दिया है। त्योहार के कारण लोगों की मजबूरी है इसलिए सफर करना पड़ रहा है।
ग्वालियर से इंदौर जाने वाली बसों के किराए में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है। एसी स्लीपर बस का सामान्य दिनों में जहां 840 रुपए तक किराया लिया जा रहा था उसे बढ़ाकर 1150 रुपए कर दिया है। वहीं नान एसी बस के 500 रुपए के स्थान पर 600 रुपए लिए जा रहे हैं। इसी तरह भोपाल जाने वाली बस का किराया 450 रुपए से बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है। कानपुर जाने वाली बसों का किराया 750 से बढ़ाकर 1000 रुपए तक कर दिया गया है। बस ऑपरेटर्स द्वारा लिए जा रहे मनमाने किराए को लेकर यात्रियों से बहस भी हो रही है, बढ़े हुए किराए की शिकायतें यात्रियों द्वारा की गई है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सबसे ज्यादा भीड़ रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर नजर आई। यात्रियों की भीड़ बीते दो दिन से है। गत रात को ट्रेनों में सीट कंफर्म नहीं होने के कारण यात्री कोचों में खड़े-खड़े ही सफर कर रहे थे। जनरल कोचों में यात्रियों की भीड़ गेट तक ठसाठस थी। ऐसे में ट्रेन के स्टेशन आने पर यात्री जनरल कोचों में घुस ही नहीं सके। अपने शहर पहुंचने के चलते यात्री स्लीपर कोचों में घुस गए। इससे पहले से रिजर्वेशन कराए यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यात्रियों की भीड़ का जीप चालकों और बस संचालकों ने जमकर लाभ उठाना शुरू कर दिया है। बसों और जीपों में यात्रियों से मनमाना किराया वसूल कर रहे है। भिण्ड का 100, मुरैना का 60, आगरा के 200, गुना के 300, शिवपुरी के 150 और दतिया के 100 रुपए किराया है। जबकि आज भीड़ ज्यादा होने पर बसों का ज्यादा किराया वसूल रहे थे।