सावन के आखिरी सोमवार को मंदिरों पर उमड़े श्रद्धालु

Aug 28 2023

ग्वालियर। 28 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार था। सुबह से मंदिरों पर भीड़ का आलम था। इस बार सावन में चार नहीं बल्कि आठ सोमवार पड़े हैं। यही कारण है कि मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और पुलिस ने काफी इंतजाम किए हैं। सुबह 4 बजे से शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में भीड़ लगी। अचलेश्वर पर दूर-दूर तक भक्तों की लाइन थी। श्रद्धालु पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक कर अराधना कर रहे थें।
भगवान शिव को सावन का सोमवार विशेष रूप से प्रिय है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सावन में भगवान शिव का गंगाजल व पंचामृत से अभिषेक करने से शांति मिलती है। बेलपत्र, भांग, धतूरे, आक के फूल से पूजन करने का प्रावधान है। इसके अलावा पांच तरह के जो अमृत बताए गए हैं उनमें दूध, दही, शहद, घी व शक्कर मिलाकर बनाए गए पंचामृत से भगवान की पूजा विशेष लाभदायी होती है। यही कारण है कि अचलेश्वर महादेव मंदिर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर पर सुबह 4 बजे से ही पंचामृत लेकर भक्त लाइन में लगे है।
ग्वालियर में प्रसिद्ध शिवालयों की बात करें तो अचलेश्वर महादेव मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, चकलेश्वर और भूतेश्वर शिव मंदिर हैं। इसके अलावा फूलबाग स्थित मार्कण्डेश्वर और सीपी कॉलोनी स्थित कलिकेश्वर नाग मंदिर पर भी विशेष आयोजन सावन माह के आखिरी सोमवार को हो रहे हैं। इसलिए यहं मंदिर प्रबंधन ने पुरुष और महिलाओं की लाइन अलग-अलग कर व्यवस्था बनाई है।
धूमेश्वर धाम पर लगा मेला
ग्वालियर के भितरवार ब्लॉक में सिंध और पार्वती नदी के संगम पर प्राचीन धूमेश्वर मंदिर है। यह कब बना और किसने बनवाया यह कोई नहीं बता पाता, लेकिन सावन के हर सोमवार को यहां मेला लगता है। सावन माह के आखिरी सोमवार को यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं और मंदिर के किनारे बसी नदी में स्नान कर शिवलिंग की पूजा अर्चना कर रहे हैं। यह मंदिर ग्वालियर शहर से करीब 75 किलोमीटर दूर है।
सोमवार को शिवालयों के आसपास कड़ी सुरक्षा रहती है। एसएसपी ग्वालियर राजेश चंदेल ने मंदिरों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लगाने के निर्देश दिए थे मंदिरों के आसपास पुलिस के चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। जिससे महिलाओं के साथ कोई भी घटना न हो सके। मंदिरों पर भीड़ लगने पर ट्रैफिक को नियंत्रण करने के लिए अलग से पुलिस बल तैनात किया गया है।