अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर पशु प्रेमी कर रहे पशु क्रूरता अधिनियम में संशोधन की मांग

Aug 12 2023

ग्वालियर। डॉग्स एंड एनिमल सोसायटी के सदस्य पशु क्रूरता अधिनियम में संशोधन की मांग कर रहे हैं। अपनी इसी मांग को लेकर 10 अगस्त से फूलबाग चौराहे पर तंबू गाढक़र बैठे हुए हैं एवं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही संस्था के सदस्य मांग कर रहे हैं कि पशुओं पर क्रूरूरता करने वाले व्यक्तियों को पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत केवल जुर्माने की राशि 50 से बढ़ाकर 50 हजार रुपए या उससे ज्यादा की जाए एवं साथ ही पशुओं पर क्रूरता करने वाले लोगों को 5 साल कारावास की सजा दी जाए। संस्था का प्रण और मांग है कि इसके लिए पशुओं के प्रति क्रूरता अधिनियम 1960 में बदलाव कर जो ड्राफ्ट नबम्बर दो 2022 में हुआ था, उसको कानून बनाया नहीं।
संस्था अध्यक्ष गौरव आहूजा ने बताया कि संस्था ने 10 अगस्त से भूख हड़ताल करने का संकल्प लिया है। संस्था 1960 में बने पशु क्रूरता अधिनियम में संशोधन के लिए यह हड़ताल कर रही है, क्योंकि आज के समय में पशुओं पर क्रूरता करने वाले व्यक्तियों को पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत केवल 50 रुपए का जुर्माना शुल्क देना होता है। इससे पशुओं पर क्रूरता का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शाखा भारत तिब्बत सहयोग मंच की प्रांत अध्यक्ष मोनिका जैन एडवोकेट ने कहा जब यह अधिनियम बना था तब 50 रुपए का बहुत महत्व था, क्योंकि तब सोना 100 रूपए तोला था पर अब 50 रुपए का कोई महत्व नहीं रह गया है, इसलिए सरकार को इस अधिनियम में संशोधन करके 50 हजार रुपए से ऊपर की रकम का जुर्माना रखना चाहिए, जिससे पशुओं की रक्षा में एक बड़ा कदम उठ सके।
धरने का नेतृत्व कर रहे संस्था के अध्यक्ष गौरव आहूजा ने बताया कि हमारी संस्था कई वर्षों से पशुओं की सुरक्षा के लिए कार्य कर रही है एवं अनगिनत पशुओं को रेस्क्यू कर चुकी है। 
लावारिस बेजुबान जानवर जैसे कुत्ते, गाय, घोड़े या भैंस सहित कई बेजुबानों की सुरक्षा के लिए ये संस्था कार्य करती है। जानवरो के बीमार हो जाने से लेकर यदि किसी के द्वारा इन बेजुबानों के साथ मारपीट की जा रही हो तो ऐसी अवस्था संस्था अपने हेल्प लाइन नम्बर के द्वारा इन जानवरों की सुरक्षा के लिए कार्य करती है।
उन्होंने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य पशुओं पर लगातार बढ़ रही हिंसा जिसमें पशुओं को डंडा मारना, कुल्हाड़ी से काट देना, चाकू घोपना, वाहन से रौंद देना, इन बेजुबान जानवरों को मारकर बोरी में डालकर बांध या नदी नाले में फेंक देना शामिल है को रोककर पशु क्रूरता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है। कोई पशुओं से इस तरह का क्रूरता पूर्ण व्यवहार करता है, तो उसको सजा मिलनी चाहिए।
धरने में मुख्य रूप से संस्था से रजनी राजावत, शिल्पा भोंसले, गरिमा, निशा, स्पर्श, आशा, आकाश, शिव, राज, सागर, महेंद्र, अंश, तान्या, शिल्पी, साकेत, पुष्पा, लखन, सीमा, अर्चना एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।