श्रावण और अधिक मास में पार्थिव शिवलिंग पूजन करें-घनश्याम शास्त्री

Aug 08 2023

ग्वालियर। जयेंद्रगंज रोशनी घर के अंदर ऊर्जा सरकार मंदिर में श्रावण मास और अधिक मास के उपलक्ष में पार्थिंक शिवलिंग निर्माण पूजन में सोमवार को 35 वे दिन भागवाताचार्य पं. घनश्याम शास्त्री महाराज ने पार्थिव शिवलिंग का पूजन करने का बड़ा माहात्म्य बताया कि पार्थिव शिवलिंग का पूजन करने से भगवान शिव जीवन के चारों पुरुषार्थों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष सहज ही प्रदान कर देते हैं। 
शिव महापुराण की विद्येश्वर संहिता के 19वें, 20वें और 21वें अध्याय में पार्थिव शिवलिंग के पूजन का माहात्म्य बताते हुए कहा गया है सर्वेषु लिंगेषु पार्थिवं श्रेष्ठमुच्यते, अर्थात् शिवजी के सभी द्रव्यों से बने शिवलिंग में पार्थिव शिवलिंग का पूजन सर्वश्रेष्ठ होता है। सतयुग में मणिलिंग, त्रेतायुग में स्वर्णलिंग, द्वापरयुग में पारदलिंग और कलियुग में पार्थिवलिंग को श्रेष्ठ कहा गया है। पार्थिव लिंग को समस्त लिंगों में सर्वश्रेष्ठ कहा गया है। पार्थिव पूजन अत्यंत अत्यंत पुण्यदायी तथा सब प्रकार से धन्य करने वाला, दीर्घायु देने वाला होता है। यह तुष्टि, पुष्टि और लक्ष्मी प्रदान करने वाला कहा गया है। पार्थिव लिंग पूजन सभी कामनाओं की सिद्धि देने वाला होता है। जो सुंदर वेदी सहित पार्थिव लिंग का निर्माण करके पूजा करता है वह इस लोक में धन धान्य से संपन्न होकर अंत में रुद्रलोक को प्राप्त करता है। 
अभिषेक में अमरीश शर्मा, अशोक तिवारी, मोहन शावरीकर, सौरव गोयल, विनोद पाल, संतोष चौरसिया, रवि गुप्ता, सुरेश बाथम, जेएम भाटिया, चिट्टू शर्मा, राजकुमारी, कीर्ति श्रीवास्तव ने सम्मिलित होकर पूजन और विसर्जन किया।