सावन के पांचवे सोमवार पर मंदिरों पर लगी भीड़

Aug 07 2023

ग्वालियर। सावन के पांचवे सोमवार को शिवराज सरकार में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भोले की भक्ति में लीन नजर आए हैं। ऊर्जा मंत्री एबी रोड स्थित सूर्या मंदिर पहुंचे और यहां भगवान शिव का जल अभिषेक किया। इसके बाद वह बम-बम भोले करते हुए डमरू बजाते और शिव भक्ति में लीन नजर आए। यहां उन्होंने शिवजी की आरती की और लोगों के लिए अमन चैन की प्रार्थना की। यहां उन्होंने साफ कहा कि चुनाव आ रहे हैं इसलिए मंदिर नहीं आया हूं, बल्कि पांचों साल मैं भगवान के द्वार पर जाता हूं। अब कांग्रेस इसे चाहें जो समझे।
सावन का पांचवे सोमवार को सुबह से ही तेज धूप, उमस भरी गर्मी है, इसके बाद भी शिवभक्तों का जोश देखते ही बन रहा है। सोमवार सुबह पांच बजे से मंदिरों के बाहर भीड़ लगी। श्रद्धालु दूध, दही से शिव का अभिषेक कर रहे थे। रात 12 बजे से कांवड़ लेकर आने वाले कांवडिय़ों के लिए मंदिरों के पट खोल दिए गए थे। कांवड़ में भरे गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक कर मंदिर के पट आम लोगों के लिए खोल दिए गए थे। इसके पश्चात मंदिरों में आने वाले भक्तों ने भगवान अचलनाथ, हजारेश्वर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर मंदिर में भगवान के दर्शन कर शिवजी का दूध, दही व जल से अभिषेक किया है।
सावन का पांचवे सोमवार पर विशेष संयोग बनने पर सोमवार सुबह प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपनी टीम के साथ अपनी विधानसभा के बहोड़ापुर एबी रोड स्थित सूर्या मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले शिवलिंग का जलाभिषेक किया और आरती की। जल अभिषेक से पहले उन्होंने मंदिर में बैठकर डमरू बजाकर भगवान शिव को खुश किया। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आते ही ऊर्जा मंत्री को मंदिर और भगवान याद आने लगे हैं। इस पर ऊर्जा मंत्री तोमर ने कांग्रेस को जवाब दिया है कि मैंने पैदल मां पीताम्बरा की यात्रा की है और लगातार मंदिर जाता रहता हूं।
सावन के हर सोमवार को शिवालयों पर जमकर भीड़ उमड़ती। ग्वालियर में पहला और दूसरे सोमवार को विशेष संयोग पढऩे से मंदिरों में काफी भीड़ रही थी। क्योंकि अब सावन का पांचवा सोमवार होने पर सुबह से रात तक मंदिरों पर शिव भक्तों की भीड़ जुटी। सावन में शिव पूजन के विशेष महत्व के चलते मंदिरों पर सुबह से देर रात तक भीड़ रहती है। शहर के शिव मंदिरों पर आकर्षक सजावट के साथ सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए। शिव भक्तों की सर्वाधिक भीड़ अचलेश्वर, गुप्तेश्वर, कोटेश्वर और चकलेश्वर मंदिर पर रहती है। साथ ही ग्वालियर के भितरवार में धूमेश्वर धाम पर भी मेला सावन के हर सोमवार को मेला लगता है। इसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
सावन के सोमवार पर जलाभिषेक से पूरी होती है मनोकामना
सावन के सोमवार पर विधि-विधान से शिव पूजन और अभिषेक कर शांति-समृद्धि मिलती है। इतना ही नहीं विवाह के इच्छुक युवक-युवतियों को भी शिव की कृपा जरूरी है। कुंआरे युवक-युवती सावन के16 सोमवार का वृत करें तो अच्छा वर मिलता है ऐसा भी शिवपुराण में लिखा है। सोमवार को मंदिरों पर उमडऩे वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। साथ ही महिला एवं पुरुष भक्तों ने अलग-अलग लाइनों में लगकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए।
भगवान शिव को सावन का सोमवार विशेष रूप से प्रिय रहता है। बताया जाता है कि सावन में भगवान शिव का गंगाजल व पंचामृत से अभिषेक करने से शांति मिलती है। बेलपत्र, भांग, धतूरे, आक के फूल से पूजन करने का प्रावधान है। इसके अलावा पांच तरह के जो अमृत बताए गए हैं उनमें दूध, दही, शहद, घी व शक्कर मिलाकर बनाए गए पंचामृत से भगवान की पूजा विशेष लाभदायी होती है। सावन के महीने में सोमवार का विशेष महत्व होता हैं। यही कारण है कि सोमवार को मंदिरों पर शिवलिंग दूध दही से नहा रहे हैं।
ग्वालियर में प्रसिद्ध शिवालयों की बात करें तो अचलेश्वर महादेव मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, चकलेश्वर और भूतेश्वर शिव मंदिर हैं। गर्मी व उमस के बाद भी यहां सुबह 4 बजे से श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गए थे जो दोपहर 12 बजे तक जारी थी। सडक़ों पर भक्तों की लाइन लगी थी। मंदिरों के आसपास बेल पत्र व दूध-दही व पूजन सामग्री के पंडाल लगे हैं।