सूचना साक्षरता है आज के समय की ज़रूरत-डॉ. गुरचरण सिंह

Aug 05 2023

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एण्ड रिसर्च फाउंडेशन के मीडिया एवं यूथ विंग के द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर थीम के अंतर्गत फैक्टशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला डेटा लीड्स, तथा गूगल न्यूज इनिसिएटिव के सौजन्य से आयोजित हुई। जिसमें फैक्टशाला के ट्रेनर डॉ मनीष जैसल ने सूचना साक्षरता विषय पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं को सम्बोधित किया। फैक्टशाला के ट्रेनर डॉक्टर मनीष जैसल जनसंचार तथा पत्रकारिता विभाग आईटीएम विश्वविद्यालय ग्वालियर  में विभाग प्रमुख हैं तथा फेक न्यूज से बचाव तथा मीडिया शिक्षा से जुड़ी हुई देश भर में 100 से अधिक कार्यशाला अब तक कर चुके हैं।  
इस दौरान ट्रेनिंग के समन्वयक बीके प्रहलाद ने कहा कि मौजूदा समय में जिस तरह की भ्रामक सूचनाएँ हमारे आस पास फ़ैल रही हैं इससे व्यक्ति के तन और मन पर गहरा असर पडऩे के साथ साथ समाज पर भी इसका नकारात्मक असर हो रहा है. कई उदाहरण हमारे सामने भी हैं।  इसी क्रम में संस्थान से जुड़े हुए लोगों के लिए इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। 
कार्यशाला में सभी का स्वागत करते हुए बीके डॉ गुरुचरण सिंह ने कहा कि आज के दौर में जहाँ पर सोशल मीडिया पर झूठी और सही खबर को  परख पाना मुश्किल होता है, वही इस तरह की कार्यशाला जो जन जागृति के लिए है इसका लाभ लोगों को मिलेगा और वह जागरूक होकर अपने परिवार तथा अन्य लोगों को भ्रामक सूचनाओं और फ्राड फ़ोन कॉल्स से बचने के तरीकें बता पाएंगे। 
ट्रेनिंग के दौरान डॉ जैसल ने फैक्टशाला के उद्देश्य  को बताते झुए कहा फैक्टशाला के माध्यम से हम देश के अलग अलग हिस्सों के भिन्न ग्रुप को सूचना साक्षरता के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं। गूगल न्यूज़ इनिसिएटिव तथा डेटा लीड्स के माध्यम से फैक्टशाला करते हुए हम युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों के अलावा समाज के भिन्न ग्रुप को सूचना साक्षरता के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने युवा पीढ़ी को फेक न्यूज और भ्रामक खबरों से सावधान रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सटीक जानकारी की उपलब्धता और सावधानी पूर्वक नजर रखना समृद्धि और सकारात्मक सोच के लिए आवश्यक है।
ट्रेनिंग में मनीष ने सूचनाओं के प्रकार, जैसे मिसइन्फ़र्मेशन, डिसइन्फ़र्मेशन, प्रपोगेंडा आदि के अलावा डेवलपमेंट ऑफ़ क्रिटिकल थिंकिंग, पूर्वाग्रह तथा फ़ेक न्यूज को जाँचने के टूल्स और टेक्निक पर बिस्तार से चर्चा की। इस दौरान कार्यशाला के प्रतिभागियों ने अपने  अनुभव भी शेयर किये। जहाँ कुछ लोगों के पास फर्जी फ़ोन कॉल्स के बाद आर्थिक नुकसान के अनुभव थे तो कईयों के पास स्वास्थ्य से जुडी भ्रामक सूचनाओं के चलते गंभीर बीमारी होने का अनुभव रहा। युवाओं के बीच भी ऐसे कई अनुभव हैं जिसे इस कार्यशाला में लोगों के शेयर किया।
ट्रेनिंग का संचालन बीके रोशनी ने किया। इस दौरान राजेंद्र सिंह, योगेश जसेजा, पंकज टहलवानी, कन्हैया लाल, प्रोफ़ेसर आरएस वर्मा, जय किशन आगीचा, संतोष बंसल, नारायण चोरासिया, बीके अरुण, जी एस मोर्य, अशोक पमनानी, डॉ  निर्मला, गचा, रीता दिव्या, कंचन, रितु बंसल, दीपा, ममता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।