मातम के साथ कर्बला में दफन किए गए ताजिए

Jul 29 2023

ग्वालियर। इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मोहर्रम अकीदत के साथ ताजिए शनिवार को को सागरताल में दफन किए गए। शहर में स्थापित किए गए ताजियों ने शुक्रवार की रात को मातमी धुन के साथ गश्त की, इसके बाद सुबह ताजिए सागरताल पहुंचना शुरू हो गए। मातमी जुलूसों में इमाम हुसैन की घोड़े का प्रतीक भी शामिल थे। वहीं बहोड़ापुर व जीवाजीगंज से सागरताल पहुंचने वाले रास्तों पर ट्रैफिक जाम के हालात रहे।
सडक़ के दोनों ओर एवं सागरताल पर मुस्लिम समाज के हजारों लोग मौजूद थे एवं या हुसैन, या हुसैन की गूंज हो रही थी। शहर काजी अब्दुल अजीज क़ादरी ने जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों का व्यवस्था बनाए रखने के लिए आभार जताया है। इस मौके पर सिंधिया राजपरिवार का ताजिया शाही तरीके से दफन किया गया और शहर काजी ने फातिहा पढ़ी। 
ग्रेटर ग्वालियर मोहर्रम एवं कर्बला इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष अख्तर हुसैन कुरैशी ने बताया कि शनिवार को हजरत इमाम हुसैन आली मकाम का यौम-ए-शहादत मनाया गया, शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कर्बला में ताजिए लाए गए, उन्हें कर्बला में ससम्मान दफनाया गया। यहां कमेटी, अध्यक्ष अख्तर हुसैन कुरैशी, कार्यक्रम संयोजक रमजान खान, पार्षद सईदा आसिफ अली, महासचिव लतीफ खां मल्लू आदि सहित प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्य नागरिकों ने शरीक होकर शहीदाने कर्बला हजऱत इमाम हुसैन आली मकाम को खिराजे अकीदत श्रद्धांजलि पेश की।   
सागरताल स्थित कर्बला पर भी माकूल व्यवस्थाएं की । इससे पहले कल ईदगाह कंपू, अवाड़पुरा, नया बाजार सहित जहां-जहां ताजिए रखे गए थे वे मातमी धुन के साथ महाराज बाड़े पहुंचे। यहां गश्त करने के बाद देर रात वे लौट गए।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ताजिये पर की सेहराबंदी
गोरखी इमाम बाड़े में रखे गए सिंधिया राजघराने के ताजिये पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाजिरी देकर परंपरागत सेहराबंदी की रस्म अदा की। शहरकाजी अब्दुल अजीज कादरी ने फातिहा पढ़ी और मुल्क में अमन और चैन के साथ एकता साम्प्रदायिक सद्भाव के लिए दुआ की। इसके बाद तबर्रुक तकसीम किया गया। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर, बाल खांडे, आशीष प्रताप, मोहसिन बेग, मिनाज उद्दीन आदि लोग मौजूद रहे। इस दौरान सिंधिया ने गोरखी देवघर स्थित बाबा मंसूर शाह की दरगाह पर भी दर्शन कर माथा टेका।