कांग्रेस कार्यालय में नहीं चलने देंगे भारतीय जनता पार्टी की दुकान: विष्णुकांत शर्मा

Jul 29 2023

ग्वालियर। प्रियंका गांधी के खिलाफ नारे लगाने के आरोप में कांग्रेस से निलंबित किए गए सद्भावना प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विष्णुकांत शर्मा ने खुद को बेकसूर बताते हुए इतने भावुक हो गए कि प्रेस में ही रो पड़े। अपनी सफाई देते हुए कहा कि मैंने प्रियंका गांधी के खिलाफ नहीं बल्कि भाजपा नेता के खिलाफ नारे लगाए थे। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मेरा दोश सिर्फ इतना कि मैंने कांग्रेस कार्यालय में भाजपा की दुकान चलाने वालों का विरोध किया।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की भाजपाइयों से सांठगांठ है, इसी वजह से वे मेरे द्वारा भाजपा के खिलाफ नारेबाजी को नहीं पचा पाए। उनके द्वारा गठित अनुशासन समिति ने पहले मुझे नोटिस दिया और फिर बिना जांच किए मुझे पार्टी से निलंबित कर दिया, लेकिन मैं इससे हार मानने वाला नहीं हूं। मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अनुयायी हूं और कांग्रेस कार्यालय में भाजपा की दुकान चलाने वालों को एसपोज करने का काम करूंगा।
उन्होंने कहा कि ऐसा झूठ मुझे स्वीकार नहीं, जिसमें हमारी नेता प्रियंका गांधी के खिलाफ नारेबाजी का दाग मेरे ऊपर लगाया जाए। उन्होंने दावा किया कि जिस वीडियो के आधार पर मुझे निलंबित किया गया है, उसमें साफ सुनाई दे रहा है कि मैंने प्रियंका के खिलाफ नहीं भाजपा नेता के खिलाफ नारेबाजी की थी। उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा पर पर निशाना साधते हुए कहा कि वे तय करें कि वे कांग्रेस कार्यालय से कांग्रेस या फिर भाजपा की दुकान चलाएंगे? विष्णुकांत ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी में अपने बलबूते पर दस हजार सदस्य बनाए, उसका प्रतिफल मुझे निलंबन के रूप में मिला है। 
जितेंद्र बोले, मैंने माफी नहीं मांगी
उधर, जिला कांग्रेस के महामंत्री जितेंद्र भदौरिया को अनुशासन समिति ने माफी नामा मिलने पर सोशल मीडिया पर कांग्रेस के नेता खिलाफ डाली गई पोस्ट को लेकर माफ कर दिया था, लेकिन इसके दूसरे दिन ही जितेंद्र भदौरिया ने अनुशासन समिति पर हमला बोलते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली कि मैंने कोई माफी नहीं मांगी है मैं तो सत्य के साथ हूं। मुझे सावरकर मत बनाओ। इस पोस्ट से स्पष्ट होता है कि अनुशासन समिति ने दबाव में निर्णय लेकर जितेंद्र को माफ कर दिया, जबकि सिंधिया के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने वाले को निलंबित कर यह जता दिया कि कांग्रेस के अंदर अभी सिंधिया समर्थक कांग्रेसी मौजूद हैं।