प्रजापति समाज एक महान समाज है: सिंधिया

Jul 29 2023

ग्वालियर। प्रजापति समाज भारत में आदिकाल से ईश्वरीय रूप कृतियों का निर्माण करता आ रहा है वहीं उनका सृष्टि के निर्माण में भी योगदान है। यह बात केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रजापति हनुमान मंदिर कुम्हारपुरा मुरार में आयोजित सर्व प्रजापति समाज सामाजिक समरसता सम्मेलन में कहीं। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष अभय चौधरी, रामदयाल प्रजापति, मुन्नालाल गोयल, मीडिया प्रभारी जवाहर प्रजापति विशेष रूप से उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि समता भवन में समाज के नवरत्नों के बीच मुझे बैठने का जो सौभाग्य प्राप्त हुआ है, आज मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं। उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज पूरे भारतवर्ष में आदिकाल से स्वरूप कृतियों का निर्माण करता चला आ रहा है वहीं इसके अलावा बर्तन बनाने के अलावा मकानों के खप्पर और खिलौनों का भी निर्माण करता आ रहा है।
उन्होंने प्रजापति समाज के लोगों से कहा कि अपने समाज का इतिहास का गौरव गान करना चाहिए। उन्होंने बुजुर्गों से आव्हान किया कि वे अपने गौरवमई इतिहास से युवाओं को परिचित कराएं।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रजापति समाज के उत्पत्ति की सविस्तार बताई। उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज का वर्णन ऋग्वेद में भी आता है जिसमें उल्लेख है चंद्रमा मनसो जात: अर्थात चंद्रमा की उत्पत्ति ब्रह्मा जी ने मन से की थी इसी तरह प्रजापति समाज की उत्पत्ति ब्रह्मा जी ने मन से की थी। उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज दिल से काम करता है और 1915 में पाटरीज की स्थापना हुई थी तथा 1921 में मेरे पूर्वज 1921 में लाहौर में प्रजापति समाज के द्वारा पॉटरीज में निर्मित प्लेटस को लेकर गए थे।
उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज एक महान समाज है भारत को मनाने में प्रजापति समाज का अति महत्वपूर्ण योगदान और क्षमता है।
इस अवसर पर माटी कला बोर्ड के चेयरमैन रामदयाल प्रजापति, बीज विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल एवं प्रजापति समाज के वरिष्ठ समाजसेवी मुरारी लाल प्रजापति ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रजापति समाज की आराध्य यादे मां एवं दक्ष महाराज के चित्र पर पुष्पमाला पहनाकर नमन किया।
वही प्रगतिशील प्रजापति छात्रावास के सचिव श्री वेद प्रकाश सुजेनिया ने एक समाज की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया।
कार्यक्रम का संचालन श्री भगवानदास प्रजापति ने किया। इस अवसर पर अशोक शर्मा, सकतपुरा महाराज, जसराज प्रजापति एडवोकेट,  रामअवतार प्रजापति, रामहेत प्रजापति, भगवान दास प्रजापति, हरज्ञान प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, प्रहलाद प्रजापति, किशन प्रजापति, रामचरण प्रजापति, मन्नोराम प्रजापति, पुत्तू प्रजापति, आनंद प्रजापति, विक्रम प्रजापति, आदराम प्रजापति, रामचरण प्रजापति, होतम प्रजापति, दिनेश प्रजापति, सोनू प्रजापति, मुकेश प्रजापति सरपंच, तुलसीराम प्रजापति, हेमंत प्रजापति, सटोलाराम प्रजापति सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल थे।