हवन एवं भंडारे प्रसादी के साथ हुआ श्रीमद् भागवत कथा का समापन

Jul 27 2023

ग्वालियर। भागवताचार्य पं. नरोत्तम शास्त्री महाराज ने रंग महल गार्डन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कहा कि विश्व की समस्त कलाओं का वास श्रीकृष्ण के अंतर में विद्यमान है। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण हमें कुछ न कुछ सिखाता है। मानवता के भले के लिए उनके मुख से निकली श्रीमद्भागवत हमेशा इस धरा पर मनुष्यों को अच्छे बुरे की पहचान करवाती रहेगी। यह पूरे विश्व में एक मात्र ऐसा ग्रंथ है जो कि जीवन के प्रत्येक सुख व दुख की परिस्थितियों में हमें ज्ञान का मार्ग दिखाता है। इसके माध्यम से श्रीकृष्ण ने धरा का ही नहीं बल्कि ब्रह्मांड के समस्त गूढ़ रहस्यों से मानव जाति को अवगत करवाया है। 
शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत हमें सिखाती है कि इस धरा पर कुछ भी नहीं रहने वाला, हमें जो मानव जीवन मिला है उसे व्यर्थ न गवाएं बल्कि समस्त प्राणियों के प्रति सौहार्द रखते हुए परमात्मा का चितन व मनन कर अपने जन्म को सफल बनाए।आगे आचार्य जी ने बताया कि जीवन की आपाधापी से कुछ समय निकाल कर प्रभु की महिमा का श्रवण कर लेने मात्र से जीवन संघर्षों से पार पाने का मार्ग प्रशस्त होता है, इसलिए धर्म लाभ अवश्य लेना चाहिए विजय सिंह राठौर इनके परिवार ने श्रीमद् भागवत महापुराण की आरती की।।