मध्यभारतीय हिंदी साहित्य सभा में रामबोला के बोल निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हुआ

Jul 17 2023

ग्वालियर। मध्यभारतीय हिंदी साहित्य सभा द्वारा तुलसीदास जयंती के संदर्भ में रामबोला के बोल निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय एवं महाविद्यालय के लगभग 30 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रतियोगिता में किष्किंधाकांड का महत्व तथा सुंदरकांड का सुंदर पक्ष विषयों पर निबंध लेखन किया गया। सभा ने दोनों विषयों के माध्यम से युवा पीढ़ी को रामचरित मानस एवं उसमें व्यक्त प्रसंगों को नवीन दृष्टि से अध्ययन करने की प्रेरणा देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया। 
सभा भवन के अतिरिक्त यह प्रतियोगिता नगर के लगभग चार विद्यालय और ग्वालियर संभाग के तीन जिलों में भी आयोजित की गई। इस अवसर पर सभा के अध्यक्ष डॉ. कुमार संजीव ने प्रतिभागियों को आशीर्वचन देते हुए कहा सर्वश्रेष्ठ बनने के लिये सर्वश्रेष्ठ हो चुके का चयन करना आवश्यक है। भगवान श्रीराम के जीवन का पद्यात्मक उपाख्यान रामचरितमानस इस दृष्टि से उल्लेखनीय है। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि-निबंध लेखन जैसी साहित्यिक विधा अभिव्यक्ति में कसावट और भाषा चयन के लिये सर्वश्रेष्ठ विधा है। अच्छे निबंधों के अध्ययन और अच्छे विषयों पर निबंध लेखन का अभ्यास अच्छे लेखक होने की अनिवार्यता है। निबंध लेखन से अभिव्यक्ति में कसावट और भाषा चयन की समझ विकसित होती है। प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण तुलसीदास जयंती (23 अगस्त) पर किया जाएगा।
प्रतियोगिता की संयोजक सभा की साहित्य मंत्री डॉ. मंदाकिनी शर्मा ने प्रतियोगिता के नियम एवं प्रतियोगिता के निर्णय संबंधी मानदंडों पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर सभा के ऊर्जावान कार्यकर्ता आशीष त्यागी,अंकुर चौरसिया, विकास बघेल, व्याप्ति उमड़ेकर, तरुण जैन, शिवानी गोस्वामी, लक्की सोनी, सौरव यादव, पूर्णिमा नायक, लक्की धानुक, हर्षिता धानुक, उपेन्द्र कस्तूरे, रामचरण चिराड रुचिर, दीपक, पांडे उपस्थित रहे।