फोर्ट व्यू स्कूल के शिक्षक की पिटाई से 12 वर्षीय छात्र की मौत

Jul 16 2023

ग्वालियर। फोर्ट व्यू स्कूल में शिक्षकों के पीटने से रविवार सुबह 12 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। 8वीं का छात्र 4 दिन से अस्पताल में बेहोशी की हालत में भर्ती था। रविवार की सुबह बेहोशी की हालत में ही उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मृतक छात्र का शव पीएम हाउस भेज दिया है। छात्र के परिजनों ने स्कूल के दो शिक्षकों पर पिटाई के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जब छात्र घर आया था, तब उसको उल्टियां हो रही थीं। उसका शरीर ठीक तरह से काम नहीं कर पा रहा था।
बहोड़ापुर में रहने वाले बच्चे के पिता कोकसिंह चौहान प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। उनके तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी, बेटा योगेश चौहान (14) और कृष्णा चौहान (12) है।
कोकसिंह चौहान ने कहा कि मेरे दोनों बच्चे फोर्ट व्यू स्कूल में पढ़ते हैं। बड़े बेटे का नाम योगेश चौहान है और छोटे का नाम कृष्णा चौहान था। कृष्णा काफी हंसमुख स्वभाव का था। उसका हॉमवर्क कंप्लीट नहीं था, इसलिए शिक्षक सोनू श्रीवास्तव और अकबर खान ने उसकी पिटाई कर दी। उसे उमस भरी गर्मी में 30 मिनट तक मुर्गा बनाकर रखा, जिससे उसकी तबियत खराब हो गई। वह जब घर आया था, तब से लगातार उल्टियां कर रहा था। उसका हाथ-पैर काम नहीं कर पा रहे थे।
कोकसिंह चौहान ने कहा कि स्कूल मैनेजमेंट को कृष्णा की हालत के बारे में बताया। उनके कहने पर उसे एक प्राइवेट हॉस्पीटल में लेकर पहुंचे। उसकी हालत वहां भी ठीक नहीं हुई, ज्यादा हालत बिगडऩे पर उसे जयारोग्य अस्पताल लेकर गए। जयारोग्य अस्पताल में मेरे बच्चे ने बेहोशी में ही दम तोड़ दिया। मेरे बच्चे की मौत के जिम्मेदार सोनू श्रीवास्तव और अकबर खान हैं।
कोकसिंह चौहान ने बताया कि स्कूल में आठ महीने पहले भी इन्हीं टीचर्स ने मेरे बच्चे को बेरहमी से पीटा था। उसे चार दिन तक फीवर रहा था। वह स्कूल जाने से घबराने लगा था। उस समय मैं खुद जाकर स्कूल में आवेदन देकर आया था कि मेरे बच्चे को मारना-पीटना नहीं, लेकिन कुछ दिन खामोश रहने के बाद स्कूल के टीचर्स फिर परेशान करने लगे थे।
चौहान ने कहा कि उनका बच्चा पढ़ाई में भी अच्छा था, लेकिन पता नहीं स्कूल वालों को क्या दुश्मनी थी। जिन शिक्षकों ने उसे पीटा है, वे स्कूल में ही अपनी कोचिंग चलाते हैं। जो बच्चे स्कूल के बाद उनकी कोचिंग में नहीं पढऩे जाते, उनको वे परेशान करते हैं। मेरा हंसता-खेलता बच्चा इन लोगों ने मुझसे छीन लिया है।
छात्र की मौत के बाद आक्रोशित परिजन स्कूल पहुंचे और हंगामा कर दिया। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर मृतक छात्र का शव पीएम हाउस भेज दिया है।
मृतक के पिता कोकसिंह चौहान ने बताया कि छात्र ने बताया था कि होमवर्क नहीं करने पर शिक्षक सोनू ने उसे डंडे मारे थे और अकबर सर ने उसे एक घंटा मुर्गा बनाया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। 
स्कूल प्रबंधन ने नहीं की मदद
पिता का आरोप है कि जब छात्र की हालत बिगड़ी तो स्कूल प्रबंधन ने उसके उपचार में मदद का आश्वासन दिया था और उसके बाद चौदह हजार रुपए दिए थे। जबकि उनके करीब डेढ़ लाख रुपए उपचार में लग गए थे। उसके बेटे की मौत के लिए शिक्षक सोनू श्रीवास्तव व अकबर खान जिम्मेदार हैं। 
छात्र के पिता ने बताया कि स्कूल संचालक आकाश श्रीवास्तव खुद को भाजपा नेता बताता है। वह बीजेपी के किसी मंडल में वरिष्ठ पद पर है। इसी अकड़ में किसी की कोई बात नहीं सुनता। अब पुलिस जब तक मेरे बेटे को प्रताडि़त करने वालों पर एफआईआर दर्ज नहीं करेगी, तब तक चैन से नहीं बैठूंगा।