जेयू में शैक्षणिक स्वायत्तता: प्रावधान एवं संभावनाएं विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू

Jul 15 2023

ग्वालियर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति छात्रों को स्वरोजगार के अधिक अवसर प्रदान करती है, उन्हें समाज के मध्य कार्य करने का अवसर देती है। कौशल संवर्धन के अन्तर्गत विषय विशेष के अतिरिक्त योग्यता हासिल करने का अवसर प्रदान करती है, यह बात वक्ताओं ने जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत शैक्षणिक स्वायत्तता: प्रावधान एवं संभावनाएं विषय पर शुरु हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में कही।
संगोष्ठी का आयोजन जेयू के दूरस्थ शिक्षण संस्थान, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास मध्यभारत प्रांत, नई दिल्ली और आईटीएम यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के उत्तर पश्चिम क्षेत्र के संगठन मंत्री जगराम सिंह चौहान थेस जबकि अध्यक्षता जेयू के कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी ने की। अन्य वक्ता के रूप में भारतीय संस्कृत संवर्धन संस्थान नई दिल्ली के डॉ. चांद किरण सलूजा, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता, शिक्षा में स्वायत्तता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. दुर्गा प्रसाद अग्रवाल रहे जबकि विशिष्ट अतिथि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट के डायरेक्टर प्रो. आलोक शर्मा, आईटीएम यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर डॉ. दौलत सिंह एवं यशवंत इंदापुरकर रहे। स्वागत भाषण आयोजन सचिव प्रो. हेमंत शर्मा ने दिया आभार प्रो. राजेंद्र वैद्य ने ज्ञापित किया।