पहले बनती है शिवलिंग फिर पूजा के बाद मिट्टी में होते हैं तब्दील

Jul 14 2023

ग्वालियर। पूरे विधि विधान से पार्थिव (शिवलिंग मिट्टी के शिवलिंग) का श्रृंगार किया जाता है। जलाभिषेक किया जाता है। ये पार्थिव शिवलिंग कहलाते हैं। भगवान राम ने वनवास के दौरान मिट्टी के शिवलिंग की ही पूजा की थी। रोशनी घर ऊर्जा सरकार मंदिर जयेंद्रगंज में अनोखी पूजा हो रही है। यहां प्रतिदिन 5100 शिवलिंग का जलाभिषेक किया जा रहा है। ये शिवलिंग मिट्टी के बनाए जाते हैं। यह कार्यक्रम पूरे श्रावण मास के 59 दिन चलेगा। 1 सितंबर को भंडारे का आयोजन भी रहेगा। जलाभिषेक के बाद ये पुन: मिट्टी में तब्दील हो जाते हैं। इसके बाद अगले दिन फिर से यही प्रक्रिया अपनाई जाती है।
भगवताचार्य पं. घनश्याम शास्त्री महाराज की देखरेख में प्रतिदिन यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस कार्यक्रम में आप भी शामिल हो सकते हैं। यह पूर्णत निशुल्क कार्यक्रम है। आज के अभिषेक में बंटी मित्तल, गुडिय़ा मित्तल,अमरीश शर्मा, प.अशोक तिवारी, सौरव गोयल, विनोद पाल, संतोष चौरसिया, रवि गुप्ता, सुरेश बाथम,जे एम भाटिया, चिट्टू शर्मा, राजकुमारी, कीर्ति श्रीवास्तव सम्मिलित होकर पूजन और विसर्जन किया गया।