प्रभू भक्ति कभी खाली नहीं जाती: राजेंद्र जैन

Jul 04 2023

ग्वालियर। परमात्मा से भीख मांगने की आदत छोड़ो, मांगने की मिथ्या प्रवृति को त्याग कर भक्ति, अर्चना, आराधना की प्रकृति जाग्रत करो, जीवन को संयमित करो तो मांगने की कोई आवश्यकता नहीं। भक्ति का फल अवश्य मिलेगा, भक्ति खाली नहीं जाती है। अच्छे संस्कार हमें विरासत में नहीं मिलते हैं, किंतु गलत संस्कार हमसे कभी छूटते नहीं। यही तो कारण है संसार परिभ्रमण का। संस्कार विरासत में नहीं मिलते तो भगवान के पास मांगने मात्र से भी नहीं मिलेंगे। संस्कार के लिए तो समर्पित होना पड़ेगा। भगवान के समक्ष भिखारी नहीं भक्त बनना पड़ेगा। जब आत्मा का समर्पण करोगे तब संस्कार पाओंगे तब मानवता प्रकट होगी फिर दया, करुणा की भावना स्वतरू ही फूट और भक्त से फिर भगवान भी दूर नहीं होंगे। यह विचार विधानचार्य राजेंन्द्र जैन मगरौनी ने आज मंगलवार को गुडीगुड़ा का नाका स्थित दिगंबर पार्श्वनाथ जैन मंदिर के प्रथम बर्षगाँठ पर आयोजित सिद्धचक्र विधान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। 
वही पार्षद प्रेमलता धर्मेंद्र जैन ने पहुँचकर भगवान जिनेंद्र के चरणों मे श्री फल भेंटकर दर्शन करे।
1200 वर्षो से अधिक प्राचीन जैन मंदिर का जीर्णोद्धार शीघ्र होगा- विहसंत सागर
ग्वालियर से 25 किलोमीटर नयागांव से 10 किलोमीटर बनवार गांव में 1200 वर्ष से अधिक प्राचीन मूलनायक भगवान आदिनाथ का चमत्कारी मंदिर जिर्णोद्धार जैन संत उपाध्यायश्री विहसंत सागर गुरुदेव के सानिध्य में किया जाएगा।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि बनवार दिगंबर जैन मंदिर का जीर्णोद्धार के लिए उपाध्यायश्री विहसंत सागर गुरुदेव की प्रेरणा और आशीर्वाद से भव्य जीर्णोद्धार के लिए मंदिर कमेटी के प्रतिनिधियों ने भेंट के साथ जीर्णोद्धार का प्लेक्स का विमोचन किया गया। पूज्य गुरुदेव ने कहा कि इस 1200 सो साल प्राचीन जैन मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार में स्वंय डबरा चातुर्मास के बाद तुरंत कराया जाएगा। 
मेडिटेशन गुरु उपाध्याय विहसंत सागर महाराज व मुनिश्री विश्वसाम्य सागर महाराज का ग्वालियर से डबरा के लिए मंगल पदविहार चतुर्मास के लिएहुआ। उपाध्याय श्री विहसंत सागर महाराज ससंघ का मंगल नगर प्रवेश डबरा में 5 जुलाई को धूमधाम के साथ किया जाएगा। वही 9 जुलाई को उपाध्यायश्री ससंघ का चातुर्मास कलश स्थापना होगी।