दूसरे दिन भी ईकोग्रीन कर्मचारी रहे हड़ताल पर, लगे गंदगी के ढेर

Jul 04 2023

ग्वालियर। दूसरे दिन मंगलवार को भी ईकोग्रीन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई और कई स्थानों पर टिपर वाहन न पहुंचने के चलते कचरे के ढेर लगे नजर आए जिसकें कारण लोगों को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वच्छ सर्वेक्षण से ठीक पहले नगर निगम में डोर-टूडोर टिपर वाहनों से कचरा संग्रहण करने वाले ईकोग्रीन कंपनी के 485 कर्मचारी अपनी मांगें पूरी न होने से हड़ताल पर चले गए। ऐसे में मंगलवार को दूसरे दिन भी टिपर वाहन नहीं चल सके। 
हालांकि निगम के अधिकारियों का दावा है आउटसोर्स एजेंसी के ड्राइवर इन टिपर वाहनों को चलाएंगे और कचरा संग्रहण करेंगे। ईको ग्रीन कंपनी के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर में कचरा कलेक्शन की व्यवस्था चरमरा जाती हैं। दरअसल, जब ईको ग्रीन कंपनी ने शहर में कचरा कलेशन का काम छोड़ा था तो उसके 485 कर्मचारियों की सेवाएं निगम ने ले ली थीं। वर्ष 2020 में तत्कालीन प्रशासक ने आदेश किया था कि इन कर्मचारियों की सेवाएं आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से ली जाएं, ताकि इन्हें ईएसआइ और पीएफ जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सके, लेकिन निगम अधिकारियों ने तीन साल में यह प्रक्रिया नहीं की। इन कर्मचारियों को निगम ही वेतन का भुगतान करता है, लेकिन बाकी सुविधाएं नहीं मिलती हैं। ईको ग्रीन के मुकाबले निगम से वेतन का भुगतान भी कम हो रहा है। ये कर्मचारी निगम के डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के टिपर वाहनों को चलाने के साथ कचरा उठाने का काम करते हैं। ड्राइवर को लगभग नौ हजार और हेल्पर को सात हजार रुपए के आसपास भुगतान मिल रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि वेतन बढ़ाने के साथ ही उन्हें नियमित भी किया जाए।
कर्मचारी हुआ बेहोश
फूलबाग पर प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए कर्मचारी जब नारे लगा रहे थे तभी एक कर्मचारी मुकेश कुशवाह उमस भरी गर्मी के कारण बेहोश हो गया। उसे तत्काल पानी के छींटे डाले और जब होश आया तब उसे अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया गया है।
कहीं-कहीं पहुंचे टिपर वाहन
ईको ग्रीन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से निगम ने अपने नियमित कर्मचारियों को कचरा संग्रहण में लगाया है। इस कारण कहीं-कहीं टिपर वाहन कचरा संग्रहण के लिए पहुंचे, लेकिन अधिकांश घरों से कचरा मंगलवार को भी संग्रहित नहीं हुआ। गर्मी और उमस भरा मौसम होने से लोग कचरा घरों में नहीं रख सकते हैं इस कारण यह कचरा इधर-उधर सडक़ पर नजर आ रहा है। 
इसको लेकर निगमायुत हर्ष सिंह ने समिति का भी गठन किया था, लेकिन उसकी अनुशंसाएं भी पाइप लाइन में हैं। इसके कारण कर्मचारी 20 दिन बाद फिर हड़ताल पर चले गए।
तो सडक़ों पर फैलाएंगे कचरा
हड़ताल पर गए ईकोग्रीन कंपनी के कर्मचारियों ने ये भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो तीन साल पहले किए गए प्रदर्शन को वो दोहराएंगे। वे घरों से कचरा कलेक्शन कर इसे फूलबाग सहित शहर के चौराहों और सडक़ों पर फैला देंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में भी कर्मचारियों ने सर्वेक्षण से पहले अपनी मांगें पूरी कराने के लिए पड़ाव से लेकर फूलबाग चौराहे तक सडक़ों पर कचरा फैला दिया था।