मंबलवार को श्रावण मास का पहला दिन शिवालयों पर उमड़ी भक्तों की भीड

Jul 04 2023

ग्वालियर। श्रवण मास का मंगलवार को पहला दिन था। सावन के महीने में बेलपत्र अर्पित करने वाले शिवभक्त मंगलवार से शिवलिंग का दूध, दही, घी, गंगाजल, शहद व शक्कर से अभिषेक करेंगे। इस बार शिवभक्त 30 दिन नहीं पूरे 59 दिन बेलपत्र अर्पित करेंगे। क्योंकि इस बार अधिक मास जुड़ जाने के कारण सावन मास पूरे 59 दिन का होगा और आठ सोमवार पड़ेंगे। यह संयोग 19 साल बाद बना हैं। इस दो माह के सावन मास में 8 सोमवार, 2 शिवरात्रि और 4 प्रदोष व्रत का अद्भुत संयोग बनेगा।
श्रवण मास में अचलेश्वर मंदिर पर पूरे सावन मास में बेलपत्र अर्पित करने वालों की लंबी कतार लगी है। स्थान व समय आरक्षित करने के लिए पहले से बुकिंग करा ली है। बुकिंग लगभग फुल हो गई है, इसके अलावा नगर के प्रमुख शिवालय कोटेश्वर मंदिर, गुप्तेश्वर शिव मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में बेलपत्र अर्पित की जाएंगीं।
अधिकमास की शुरुआत 18 जुलाई से होगी
सावन का पहला सोमवार 10 जुलाई को पड़ेगा। भोलेनाथ को सावन माह बेहद प्रिय है। सावन के महीने में पडऩे वाले हर एक सोमवार को भगवान शिव की उपासना की जाती है। सोमवार का व्रत करने से जीवन में सुख समृद्धि आती है और सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस बार सावन का महीना कई मायनों में खास रहने वाला है। अधिकमास की शुरुआत 18 जुलाई से होगी और इसका समापन 16 अगस्त को होगा। श्रावण सोमवार व्रत सूर्योदय से प्रारंभ कर तीसरे पहर तक किया जाता है। इस मास में भगवान शिव की बेलपत्र से पूजा करना शुभ फलदायक माना गया है। व्रत में एक समय भोजन करने को एकाशना कहते हैं और पूरे समय व्रत करने को पूर्णोपवा कहते हैं।
कावड़ यात्रा कितने दिनों की रहेगी
कांवड़ यात्रा 4 अगस्त से शुरू होगी, जो 30 अगस्त तक चलेगी। इस बार दो महीने तक कांवड़ यात्रा रहेगी।