महान क्रांतिकारी के साथ साहित्यकार भी थे करकरे

Jul 01 2023

ग्वालियर। जिन महान क्रांतिकारियों ने भारत माता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया उनके स्मरणार्थ ऐसे आयोजन किये जाने चाहिए ताकि नई पीढ़ी को ऐसे महान व्यक्तियों के संघर्षमयी जीवन से निरन्तर प्रेरणा मिलती रहे। यह बात ओलपियन हॉकी विश्वकप विजेता, पूर्व भारतीय कप्तान अशोक कुमार ध्यानचंद ने मुख्य अतिथि की आसन्दी से कही। राष्ट्रोत्थान न्यास के विवेकानंद सभागृह में शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने सुवियात स्वतन्त्रता सेनानी स्व. रामचन्द्र मोरेश्वर करकरे को नमन किया। अवसर था उनकी 115 वीं जयन्ती का।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे चन्द्रशेखर आजाद के पौत्र अमित आजाद ने स्व. पं. रामचन्द्र करकरे और चन्द्रशेखर आजाद के घनिष्ठ सबन्धों का उल्लेख कर अपने जोशपूर्ण वक्तव्य का समापन स्व. अटलबिहारी वाजपेयी की कविता से किया।
डॉ मंजूलता आर्य ने अपने उद्बोधन में स्व. करकरे को महान क्रांतिकारी के साथ साथ महान साहित्यकार एवं ओजस्वी कवि के रूप में प्रतिपादित किया। श्रीमती आर्य ने करकरे की साहित्यिक यात्रा पर विस्तृत उल्लेख कर उनके हिन्दी साहित्य में अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर ग्वालियर के वरिष्ठ शास्त्रीय गायकद्वय पण्डित मार्तण्डबुआ जोशी एवं पण्डित प्रभाकर गोहदकर को रामचन्द्र करकरे संगीत सम्मान प्रदान किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रारभ नवोदित गायक कलाकार हेमांग कोल्हटकर द्वारा किया गया। 
कार्यक्रम का संचालन चंद्रप्रताप सिकरवार एवं कृष्ण कुमार पाण्डे ने किया। आभार मंजूलता आर्य ने किया। कार्यक्रम में महात्मा गांधी कॉलेज ऑफ लॉ के चेयरमैन यशपालसिंह तोमर, गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता डॉ भरत जैन, एलएनआईपीई के विा अधिकारी उमाशंकर कुलश्रेष्ठ, वीरेन्द्र तिवारी, संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुशवाह, रेडिएंट विद्यालय के संचालक विजय गुप्ता, सहारा हॉस्पिटल के संचालक डॉ एएस भल्ला, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में एडवोकेट कृष्णदा दीक्षित, योगेश सिंघल, डॉ. हासवानी, शशिदा मेहता, विजय परांडे, दिनेश दुबे, योगी मोहन पतरोलिया, कृष्णकुमार पाण्डे, प्रतापराव इंदुलकर, स्मिता सहस्त्रबुद्धे, रेखा पवार, प्रिया मुले, संजय देवले, वसन्त कुण्टे, अमिता त्रिपाठी, अंजली लालवानी, दलजीत मान, रेणु भाटिया, बिज्जी राठौर, भावना छाबड़ा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम संयोजक डॉ ईश्वर चंद करकरे थे। यह जानकारी निशिकांत सुरंगे ने दी।