पौराणिक संस्कृति के संवाहक है मेले-राठौड़

Jun 27 2023

ग्वालियर। हिंदू सनातन धर्म में मां भद्रकाली को दुष्टों का संहार करने की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। मेले पौराणिक संस्कृति के संवाहक है और यह हमारी पौराणिक परंपरा भी है। इस परंपरा को जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह बात भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने लधेड़ी स्थित मां भद्रकाली मंदिर पर आयोजित मेले में बतौर मुख्य वक्ता कही। 
इससे पहले मांझी समाज की ओर से लधेड़ी, राजामंडी, रमटापुरा और गौसपुरा से माता को पालकी में भद्रकाली मंदिर लाया गया। यहां पालकी के साथ चारों भगतजी और समाजबंधुओं ने पालकी में आए खप्पर का भोग चढ़ाया। इस दौरान आयोजकों ने मुख्य वक्ता एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ को पुष्पहार व अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। मेले में लोगों ने पतंग भी उड़ाई। कार्यक्रम का संचालन जगदीश बाथम ने तथा आभार मध्य प्रदेश माझी समिति के अध्यक्ष केशव मांझी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष अर्चना मांझी, देवेंद्र बाथम, रवि बाथम, विनोद बाथम, जंगबहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।